
जबलपुर। जबलपुर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश के खिलाफ आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ यानी अबाक्स और मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कलेक्टर एवं संभागायुक्त जबलपुर को सौंपे ज्ञापन में अबाक्स के प्रांत अध्यक्ष देवेश कुमार चौधरी, जिला अध्यक्ष शिव कुमार गोंटिया, प्रदेश महासचिव कमलेश धापोड़कर, जिला महासचिव शुभम चौधरी तथा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष अतुल मिश्रा ने 7 जनपदों में हुए नए क्लस्टर आवंटन को त्रुटिपूर्ण बताया। प्रतिनिधियों का आरोप है कि पनागर में 5 और जबलपुर जनपद में 4 सहायक विकास विस्तार अधिकारी व पंचायत समन्वय अधिकारियों को बिना किसी ठोस कारण के क्लस्टर से बाहर कर दिया गया है।
बिना नियमों के क्लस्टर आवंटन से गहराया विवाद
कर्मचारी नेताओं ने ज्ञापन के जरिए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। देवेश चौधरी के अनुसार, जॉब चार्ट के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार ही मैदानी अधिकारियों को ग्राम पंचायतों का दायित्व सौंपा जाना चाहिए। इसके विपरीत योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की आड़ लेकर नियमों की अनदेखी की गई है। जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले अधिकारियों को क्लस्टर प्रभार से बेदखल कर जनपद कार्यालयों में लिपकीय कार्यों अथवा अन्य शाखाओं में संबद्ध करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। यह स्थिति सेवा आचरण और विभागीय सेवा नियमों के बिल्कुल प्रतिकूल है। राज्य शासन अथवा वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर से ऐसा कोई भी परिपत्र जारी नहीं हुआ है, फिर भी स्थानीय स्तर पर यह मनमाना निर्णय थोप दिया गया है।
मांगें न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
संगठनों ने पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग रखी है। उनका स्पष्ट मत है कि बिना शासन के दिशा-निर्देशों के किए जा रहे इस तरह के प्रशासनिक प्रयोगों से मैदानी अमले में भारी असंतोष और मानसिक तनाव फैल रहा है। कर्मचारियों को प्रताड़ित करने वाली इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना आवश्यक है। दोनों संगठनों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 17 अगस्त के विवादित आवंटन आदेश को निरस्त नहीं किया गया, तो वे संयुक्त रूप से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मार्ग अपनाते हुए व्यापक विरोध दर्ज कराएंगे।
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