
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर में 1,63,75,465 रुपए के सरकारी धन के गबन का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में संस्थान के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर गढ़ा पुलिस ने 5 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की है। नामजद आरोपियों में सेवानिवृत्त कैशियर मनोहर केवट, कैशियर साधना चंद्रोल, सहायक ग्रेड 3 भानु सिंह शाक्यवार, कैशियर सह प्रभारी अरविंद धुर्वे और सहायक ग्रेड 3 विशाल सराठे शामिल हैं। यह पूरी राशि छात्र-छात्राओं की फीस, आईपीडी और ओपीडी काउंटर से एकत्र की गई थी। गढ़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल परिसर से 3 आरोपियों भानु सिंह शाक्यवार, अरविंद धुर्वे और विशाल सराठे को गिरफ्तार कर लिया है।
रसीद काटकर राशि बैंक में नहीं भेजी
विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपी कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से राजस्व की चोरी की। काउंटर पर आने वाले मेडिकल छात्रों और मरीजों के परिजनों से निर्धारित शुल्क नकद लिया जाता था। इसके बदले उन्हें विधिवत अधिकृत रसीद काटकर थमा दी जाती थी। इसके पश्चात रसीद कट्टे में प्रविष्टि तो दर्ज कर ली जाती थी, किंतु उस रकम को मेडिकल कॉलेज के निर्धारित बैंक खाते में जमा कराने के बजाय आपस में बांट लिया जाता था। कई वर्षों तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा। जब आंतरिक ऑडिट में बैंक खातों और रसीद बुक के मिलान में भारी अंतर दिखा, तब प्रबंधन द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने इस पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि की।
पांच साल तक चलता रहा यह खेल
प्रबंधन की विस्तृत पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि आरोपियों की यह मिलीभगत वर्ष 2020 से 2025 के मध्य सबसे ज्यादा सक्रिय रही। इस अवधि में मनोहर केवट 2016 से जुलाई 2022 तक कैशियर पद पर रहे और सेवानिवृत्त हो गए। साधना चंद्रोल 26 अक्टूबर 2021 से नवंबर 2025 तक कैशियर रहीं। इसके अलावा भानु शाक्यवार 2007 से 2021 तक, विशाल सराठे 2021 से मई 2026 तक और अरविंद धुर्वे 2019 से मई 2026 तक संस्थान में विभिन्न दायित्वों पर तैनात रहे। इन सभी कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड्स में हेरफेर कर संस्थान के खजाने को भारी चपत लगाई।
न्यायालय ने तीनों को रिमांड पर भेजा
डीन से औपचारिक प्रतिवेदन प्राप्त होते ही गढ़ा थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीम ने सोमवार को अस्पताल पहुंचकर ड्यूटी पर मौजूद भानु सिंह शाक्यवार, अरविंद धुर्वे और विशाल सराठे को हिरासत में लिया। थाने में लंबी पूछताछ के उपरांत देर रात अपराध दर्ज कर तीनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से प्रकरण की अग्रिम विवेचना और गबन की गई राशि की बरामदगी हेतु उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। पुलिस अब बाकी बचे दो आरोपियों की तलाश के साथ वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
