मध्य प्रदेश के सिंगरौली में व्यूज के लिए वीडियो बनाने वाले युवक को पुलिस ने दबोचा

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला अंतर्गत बैढ़न क्षेत्र स्थित ग्राम पिपराझापी निवासी 27 वर्षीय अमित तिवारी ने सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज हासिल करने के लिए अपने घर के कमरे में ही फर्जी अदालत खड़ी कर दी। आरोपी बड़ी स्क्रीन पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जजों और वकीलों के चित्र लगाकर वर्चुअल सुनवाई का स्वांग रचता था और फर्राटेदार भाषा में बहस का वीडियो बनवाता था। सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद उच्च न्यायालय ने तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके उपरांत जबलपुर के सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने जीरो पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके जांच डायरी बैढ़न थाना भेजी। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने मौके से कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं।
कमरे में तकनीक से तैयार किया नकली न्यायालय
आरोपी ने अपने कमरे को किसी वरिष्ठ अधिवक्ता के पेशेवर कार्यालय जैसा रूप दे रखा था। मेज पर 2 कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, इंटरनेट उपकरण और कानून की भारी-भरकम किताबें सजाकर रखी गई थीं। सामने लगी बड़ी टीवी स्क्रीन पर अदालती कार्यवाही के दृश्यों को प्रदर्शित किया जाता था। घूमने वाली कुर्सी पर बैठकर आरोपी करीब 5 मिनट तक अंग्रेजी और हिंदी में जोरदार कानूनी तर्क प्रस्तुत करता था। वह वीडियो में शासन को अपने आदेश मानने और किसी भी प्रकार की मनगढ़ंत चार्जशीट न लगाने जैसी बातें बोलता दिखाई दिया। पहली नजर में यह दृश्य किसी भी सामान्य व्यक्ति को असली उच्च न्यायालय की ऑनलाइन सुनवाई का भ्रम पैदा करता था।
अधूरी वकालत के बाद शुरू किया यह खेल
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने कानून की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सका। पढ़ाई के दौरान न्यायालय में वकीलों की जिरह देखकर उसे यह तरीका सूझा। वह अपने मित्रों की सहायता से कैमरे से रिकॉर्डिंग कराता था ताकि इलाके में उसका प्रभाव बढ़ सके। इसी झांसे में आकर 7 जुलाई 2026 को गांव का एक वृद्ध व्यक्ति अपनी पारिवारिक समस्या की कानूनी अर्जी लगाने उसके पास पहुंच गया था। आरोपी आधुनिक एआई सॉफ्टवेयर की सहायता से सोशल मीडिया सामग्री तैयार करके धन अर्जित करता था।
पुराने आपराधिक इतिहास के साथ जब्त हुए उपकरण
आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। माह सितंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के शक्ति नगर थाने में एक विवादित ऑनलाइन पोस्ट को लेकर उसके विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था। उस समय भी उसे मध्य प्रदेश से पकड़ा गया था, जहां बाद में उसे जमानत मिल गई थी। वर्तमान प्रकरण में पुलिस ने कमरे से मिले सभी इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों को तकनीकी परीक्षण के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया है। इसके साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग और इस षड्यंत्र में सहयोग देने वाले अन्य साथियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
