

जबलपुर। 80 वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुलिस लाईन परेड ग्राउंड में आयोजित जिले के मुख्य समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पूरे विधि-विधान से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम का आरंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हुआ। ध्वज फहराने के बाद मुख्य अतिथि राकेश सिंह ने कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के संग खुली जिप्सी में सवार होकर अनुशासित परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। इस गरिमामयी मंच से उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को शाल और श्रीफल भेंटकर उनका सार्वजनिक सम्मान किया। इसके साथ ही समारोह में मौजूद सभी नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय विशेष उद्बोधन का सजीव सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय उल्लास में डूब गया।
कदमताल करते सुरक्षा बलों ने दी विशेष सलामी
परेड ग्राउंड पर प्रात काल से ही देशभक्ति का अनूठा माहौल नजर आ रहा था। सुरक्षा बलों के विभिन्न दलों ने सुसज्जित परिधानों में अत्यंत मनोहारी और अनुशासित मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया। वाहन पर सवार होकर जब अतिथियों का काफिला जवानों के सामने से गुजरा तो पूरे मैदान में गजब का जोश भर गया। जवानों का सधा हुआ तालमेल, शौर्य से भरा अंदाज और राष्ट्रध्वज के प्रति निष्ठा देखते ही बनती थी। पुलिस बल, होमगार्ड तथा विशेष सुरक्षा दस्तों ने एक साथ कदम मिलाते हुए कर्तव्य पथ पर अडिग रहने का स्पष्ट संदेश दिया। मधुर राष्ट्रभक्ति धुनों की गूंज ने वातावरण में असीम ऊर्जा भर दी, जिसे देख उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से जवानों का उत्साह बढ़ाया।
सार्वजनिक मंच से हुआ सेनानियों का भावपूर्ण अभिनंदन
स्वतंत्रता के महापर्व पर देश के लोकतांत्रिक इतिहास को समृद्ध बनाने वाले वरिष्ठ सेनानियों का चरण वंदन करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। यह आत्मीय क्षण समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक दृश्य बन गया, जिसने नई पीढ़ी को राष्ट्र सेवा का महान मार्ग दिखाया। इसके पश्चात मैदान में स्थापित विशाल स्क्रीन के माध्यम से प्रदेश की चौतरफा प्रगति और जनहित से जुड़े विकास कार्यों की रूपरेखा को साझा किया गया। राज्य के मुखिया के संदेश को सभी उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों एवं गणमान्य लोगों ने पूरी एकाग्रता से सुना। अंत में सभी ने मिलकर देश की एकता, अखंडता, सांस्कृतिक समृद्धि और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।
