मंच छोड़ जनता के संग जमीन पर बैठे विधायक और कलेक्टर, चौपाल में सुनीं गयीं जनता की बात

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Newzo - News Editor 6 Views
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डिंडौरी। जिले के शाहपुर हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में आयोजित जन विश्वास अभियान तथा पंच सरपंच सम्मेलन में उस समय अनोखा नजारा दिखा, जब मंच पर मौजूद शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, जनपद अध्यक्ष आशा धुर्वे, उपाध्यक्ष राम किशोरी ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य हीरा परस्ते और भाजपा एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम मंच त्यागकर ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठ गए। व्यवस्था में पंचों और सरपंचों के लिए कुर्सियां उपलब्ध न होने के कारण विधायक के निर्देश पर एडिशनल सीईओ के इंतजाम न कर पाने के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने यह कदम उठाया। इस दौरान नेता नरेंद्र राजपूत और महेश धूमकेती सहित अनेक अधिकारी और ग्रामीण भी मौजूद रहे।

​पेंशन और फर्जी ऋण पर उठे गंभीर सवाल

​सम्मेलन में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी लंबित समस्याओं को खुलकर सामने रखा। मेहदवानी जनपद क्षेत्र की कलगी टोला ग्राम पंचायत की सरपंच सरोजवती सैयाम ने बताया कि पेंशन से जुड़ा प्रकरण 2024 से तहसील कार्यालय में लंबित पड़ा है और उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। विधायक ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रकरण को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का काम समय पर पूरा होना चाहिए। इसके बाद सारस ताल गांव से पहुंची मातारानी स्व सहायता समूह की सचिव अहिल्या बाई यादव ने एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया। उन्होंने बताया कि जब वे मछली पालन के लिए बैंक से ऋण लेने पहुंचीं, तो उन्हें ज्ञात हुआ कि ग्राम संगठन के नोडल अधिकारी दिनेश तिवारी और सचिव संजू लता ने उनके समूह के नाम पर 4.5 लाख रुपए का ऋण ले रखा है, जिसमें समूह के किसी भी सदस्य के हस्ताक्षर नहीं हैं।

​किसान योजना और तकनीकी स्वीकृति में आई रुकावट

​कार्यक्रम में किसानों और पंचायतों के निर्माण कार्यों से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। जमगांव के किसान गणेश गुप्ता ने बताया कि उनके पास 2.5 एकड़ जमीन है और उन्हें 1 साल से किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिल रही है, जिसके लिए वे लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इसी क्रम में विधायक ने ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पंचायतों के पास 15वें और 5वें वित्त आयोग की राशि पड़ी है, लेकिन इंजीनियरों द्वारा समय पर मूल्यांकन न करने से मजदूर भुगतान और निर्माण कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को 1 सप्ताह के भीतर रजिस्टर बनाकर तकनीकी स्वीकृति जारी करने तथा मूल्यांकन का काम नियमित करने की व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया ताकि विकास कार्य न रुकें।

​कलेक्टर ने लापरवाहों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया

​कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि जब क्षेत्र के अन्नदाता नीचे बैठे हों, तो जनप्रतिनिधियों का मंच पर बैठना उचित नहीं है। उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों और 2 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए प्रशासन से लंबित मामलों का तुरंत निपटारा करने का आग्रह किया। जनता की सभी समस्याओं को सुनने के पश्चात कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने आश्वस्त किया कि जिले के हर जनपद क्षेत्र में इस प्रकार के जन विश्वास शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है।

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