
जबलपुर। माढ़ोताल थाना परिसर के सामने रविवार सुबह 11 बजे उस समय खौफनाक मंजर देखने को मिला जब प्रभात नगर निवासी गंगाराम ने अपनी मांगों की अनसुनी से परेशान होकर खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली। यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है। अपनी शिकायतों पर लंबे समय से कार्रवाई न होने के कारण गंगाराम मानसिक रूप से टूट चुका था और उसने पुलिस प्रशासन को जगाने के लिए मौत को गले लगाने जैसा कठोर रास्ता चुना। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की लपटों में घिरे युवक को देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने समय रहते आग बुझाकर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल गंगाराम की हालत सामान्य है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पुलिस की संवेदनशीलता पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के बाद एंबुलेंस के लिए काफी इंतजार करना पड़ा, जिसके चलते पुलिस को स्वयं के वाहन से युवक को अस्पताल ले जाना पड़ा। सबसे अधिक विवाद तब खड़ा हुआ जब कुछ पुलिसकर्मियों को तड़पते हुए युवक की फोटो लेते हुए देखा गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मरणासन्न स्थिति में व्यक्ति की मदद करने के बजाय फोटो लेना बेहद असंवेदनशील व्यवहार है। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस का काम केवल शिकायतें दर्ज करना है या फिर पीड़ितों को न्याय दिलाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
…तो खुद को क्यों जलाता गंगाराम
गंगाराम के इस कदम ने स्थानीय लोगों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस ने समय रहते उसकी शिकायतों पर प्रभावी कदम उठाए होते, तो आज यह नौबत नहीं आती। अब प्रशासन इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की बात कह रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उन परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है जिनके कारण युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया। साथ ही, थाने में दर्ज उन शिकायतों को भी खंगाला जा रहा है जिन पर कार्रवाई न होने का आरोप युवक ने लगाया है। फिलहाल पूरे थाना परिसर में तनाव का माहौल है और लोग पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
