डिंडौरी: राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण ने छीना ग्रामीणों का पानी, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन,हंगामा

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Newzo - News Editor 30 Views
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डिंडौरी। जिले में बजाग जनपद पंचायत के अंतर्गत घोपतपुर ग्राम पंचायत के सुमरटोला गांव में गहराए पेयजल संकट को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं। नवंबर 2025 से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीणों ने मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक ओमकार मरकाम के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपकर गांव की नल-जल योजना को तुरंत बहाल करने की गुहार लगाई। सुकल लाल यादव सहित बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का स्थायी निराकरण नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

​सड़क निर्माण कंपनी की लापरवाही से टूटी मुख्य पाइपलाइन

​सुमरटोला गांव में वर्ष 2024 के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। इस योजना के माध्यम से गांव के लगभग 80 घरों में नल कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू की गई थी, जिससे लोगों को घर बैठे पानी मिलने लगा था। विकास की इस रफ्तार पर तब ब्रेक लग गया जब शहडोल से पंडरिया के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ। सड़क निर्माण में लगी निजी कंपनी ने बिना किसी सुरक्षात्मक उपाय के भारी मशीनों से खुदाई कर पूरी पाइपलाइन को जगह-जगह से उखाड़ दिया, जिससे जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

​भीषण गर्मी में मवेशी और इंसान बूंद-बूंद को तरसे

​पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले कई महीनों से गांव में हाहाकार मचा हुआ है। सुमरटोला के निवासियों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और खाना पकाने के पानी के लिए मीलों दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों तथा कुओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वर्तमान में जारी भीषण गर्मी के दौर में स्थिति और अधिक बदतर हो गई है क्योंकि स्थानीय जल स्तर गिरने से पारंपरिक स्रोत भी सूखने लगे हैं। पानी की इस भारी किल्लत का सबसे बुरा असर बेजुबान मवेशियों पर पड़ रहा है, जिन्हें पीने का पानी मुहैया कराना ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

​मुख्य मार्ग पर चक्काजाम, उग्र आंदोलन की चेतावनी

​कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि बुनियादी ढांचे को नष्ट करने वाली कंपनी पर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने नई पाइपलाइन बिछाने का काम तुरंत शुरू नहीं कराया, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन करेंगे। विधायक ओमकार मरकाम ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए विभाग को जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और पाइपलाइन को दोबारा दुरुस्त कर नियमित जल प्रदाय शुरू करने के निर्देश देने की मांग प्रशासन से की है।

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