
नई दिल्ली। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, कोचिंग उद्योग और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि नीट, यूपीएससी, रेलवे भर्ती, बैंकिंग, कर्मचारी चयन आयोग तथा विभिन्न राज्यों की लोक सेवा आयोग परीक्षाओं से जुड़े सभी विवादों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। श्री समरीते ने आरोप लगाया कि देश में संचालित बड़े कोचिंग संस्थानों, जिनमें जोधपुर का उत्कर्ष कोचिंग जिसका मालिक निर्मल गहलोत है, कोटा का एलन कोचिंग जिसका मालिक महेश्वरी है, बिहार का खान कोचिंग तथा विशाखापट्टनम, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नागपुर सहित विभिन्न शहरों में संचालित बड़े कोचिंग नेटवर्क शामिल हैं, उनकी गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन और परीक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव की स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े कोचिंग संस्थानों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रभावशाली समूहों द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों और सरकारों को दिए जाने वाले चंदे तथा उनके प्रभाव की भी जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं पर किसी प्रकार का अनुचित प्रभाव तो नहीं डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। श्री समरीते ने आरोप लगाया कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि केवल छोटी जांच समितियां बनाकर मामले को सीमित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और परीक्षा सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने चाहिए। श्री समरीते ने मध्यप्रदेश के व्यापम प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में सामने आए व्यापम मामले को लेकर आज भी अनेक प्रश्न अनुत्तरित हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक, परीक्षा भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति, संस्था या गिरोह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष कानूनी और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
