दीक्षांत पर भारी रानी दुर्गावती विश्विद्यालय की उधारी,कलचुरी होटल ने दिया झटका

Newzo
Newzo - News Editor 81 Views
4 Min Read

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों के बीच एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। समारोह में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और वीआईपी मेहमानों के ठहराव के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मध्य प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा संचालित सिविल लाइंस स्थित होटल कल्चुरी रेसीडेंसी को 5 कमरे आरक्षित करने के लिए पत्र भेजा था। इसके जवाब में होटल प्रबंधन ने नया कमरा बुक करने से साफ मना कर दिया है और पुरानी उधारी चुकाने की शर्त रख दी है। होटल प्रबंधन ने विश्वविद्यालय को लिखित पत्र भेजकर साफ किया है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच विभिन्न सरकारी आयोजनों के दौरान कराए गए कमरों की बुकिंग का 2 लाख रुपए से अधिक का बिल अब तक बकाया है।

होटल प्रबंधन ने पुरानी उधारी चुकाने के बाद ही बुकिंग देने का फैसला किया

​कमरे बुक न करने के होटल के इस कड़े फैसले ने दीक्षांत समारोह की व्यवस्थाओं में लगे विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों की चिंता बहुत बढ़ा दी है। पर्यटन विभाग के इस प्रतिष्ठित होटल ने लिखित पत्र में बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुराना पूरा बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक नए कमरों की बुकिंग केवल पूर्ण अग्रिम राशि जमा करने की स्थिति में ही संभव हो पाएगी। बार-बार आधिकारिक स्मरण पत्र भेजने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले 3 साल से इस बड़ी राशि का भुगतान अटका कर रखा है। इसी वित्तीय लापरवाही के कारण होटल प्रबंधन ने अब यह कड़ा रुख अपनाया है जिसके कारण वीआईपी मेहमानों की सुरक्षा और ठहरने पर संकट आ गया है।

​विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से बिगड़ी संस्थान की छवि

​होटल द्वारा भेजे गए इस चौंकाने वाले जवाब के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और वहां काम करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दीक्षांत समारोह के लिए मुख्य अतिथियों की सूची बहुत पहले ही तैयार हो चुकी है और अचानक आई इस बड़ी बाधा से सभी जिम्मेदार परेशान हैं। पिछले 3 वर्षों से बिलों का भुगतान आखिर क्यों रोक कर रखा गया था, इसका सटीक जवाब फिलहाल विश्वविद्यालय के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं मिल रहा है। बकाया राशि के इस छोटे से मामले ने इतने बड़े प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की साख को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

​आपातकालीन बैठक बुलाकर बजट जारी करने कवायद शुरू

​अब इस गंभीर गतिरोध को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन आपातकालीन स्तर पर अपने वित्त विभाग के साथ लगातार बैठकें कर रहा है ताकि 2 लाख रुपए की इस बकाया राशि का तत्काल भुगतान कर कमरों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके। दीक्षांत समारोह की गरिमा को देखते हुए वीआईपी मेहमानों के रुकने की उत्तम व्यवस्था करना बेहद जरूरी और अनिवार्य कार्य है। यदि समय पर इस सरकारी राशि का भुगतान नहीं हुआ तो प्रशासन को मजबूरी में अन्य निजी होटलों का रुख करना पड़ेगा, जो सरकारी खजाने पर काफी खर्चीला साबित हो सकता है। फिलहाल सभी बड़े अधिकारी इस जटिल वित्तीय समस्या का समाधान ढूंढने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि गरिमामय समारोह बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

Share This Article
error: This Content is protected !!