मुंबई की इकलौती उड़ान का मनमाना किराया, मरीजों को ज्यादा परेशानी

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Newzo - News Editor
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जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट से मुंबई जाने वाले हवाई यात्रियों की जेब पर इन दिनों भारी बोझ पड़ रहा है। वर्तमान में इस मार्ग पर मात्र 1 ही इंडिगो फ्लाइट का संचालन हो रहा है, जिसका फायदा उठाकर एयरलाइंस कंपनी मनमाना किराया वसूल रही है। आम दिनों में जबलपुर से मुंबई का जो हवाई किराया 5500 रुपए होता था, उसे आगामी 31 मई की बुकिंग के लिए बढ़ाकर सीधे 17 हजार रुपए से ऊपर पहुंचा दिया गया है। अचानक किराए में हुई इस 3 गुना बढ़ोतरी से यात्रियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस रूट पर अक्सर गंभीर मरीज भी सफर करते हैं जिन्हें आपातकालीन इलाज के लिए मुंबई जाना पड़ता है, जिनके लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक बन गई है। त्रस्त यात्रियों ने अब सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

विकल्प न होने का एयरलाइंस उठा रही नाजायज फायदा

जबलपुर से मुंबई मार्ग पर हवाई यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। इसके बावजूद करोड़ों रुपए की लागत से आधुनिक बने डुमना एयरपोर्ट से मुंबई के लिए केवल 1 ही विमान सेवा उपलब्ध है। दूसरा कोई विकल्प न होने के कारण एयरलाइंस कंपनी यात्रियों की मजबूरी का पूरा लाभ उठा रही है। जब आम यात्रियों ने अपनी आगामी यात्रा के लिए टिकट बुक करने का प्रयास किया, तो किराए के आंकड़े देखकर उनके होश उड़ गए। सामान्य तौर पर मिलने वाली 5500 रुपए की टिकट 17 हजार रुपए से अधिक में बेची जा रही है, जो सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार है।

गंभीर मरीजों की मजबूरी बन गई बड़ी आफत

इस रूट पर हवाई सेवा का उपयोग करने वालों में बड़ी संख्या गंभीर रूप से बीमार मरीजों की होती है। जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों से अनेक मरीजों को बेहतर और आपातकालीन इलाज के लिए मुंबई के बड़े अस्पतालों में ले जाया जाता है। समय पर इलाज मिलना मरीजों के लिए जीवन-मरण का प्रश्न होता है। एयरलाइंस द्वारा अचानक की गई इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि के कारण कई परिवार चाहकर भी हवाई टिकट नहीं खरीद पा रहे हैं। इस अत्यधिक किराए ने उन परिवारों को भारी संकट में डाल दिया है जिनके पास समय बेहद कम है।

आसमान छूते दामों से तंग आकर ट्रेनों की ओर झुकाव

विमानन कंपनियों द्वारा किराए में इतनी भारी बढ़ोतरी के पीछे ईंधन के बढ़ते दामों का तर्क दिया जा रहा है। हालांकि, यात्री इस दलील से बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि व्यस्त सीजन या आपातकालीन स्थिति में थोड़ा-बहुत किराया बढ़ना समझ में आता है, लेकिन उसे सीधे 3 गुना कर देना पूरी तरह से अनुचित है। इस आसमान छूते किराए से तंग आकर अब कई मध्यमवर्गीय यात्रियों ने हवाई सफर का विचार छोड़ दिया है। वे अपनी यात्राओं के लिए रेलवे के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जिससे ट्रेनों में मारामारी बढ़ गई है।

किराए पर लगाम लगाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की गुहार

विमान सेवा की इस मनमानी के खिलाफ आम जनता और सामाजिक संगठनों में गहरा गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि विमानन क्षेत्र की नियामक संस्थाओं को इस तरह की बेलगाम मूल्य वृद्धि पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। यात्रियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सरकार से इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेने की अपील की है। आम जनता की मांग है कि किराए की एक अधिकतम सीमा तय की जाए और इस रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि प्रतिस्पर्धा पैदा हो और आम आदमी को राहत मिल सके।

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