
जबलपुर। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की वित्तीय खुफिया इकाई यानी FIU ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में भारतीय मूल के चर्चित कारोबारी सतीश सनपाल के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनके बैंक खातों, वित्तीय निवेशों और डिजिटल वॉलेट्स पर 30 दिनों का शुरुआती अस्थायी फ्रीज लगा दिया है. इस उच्चस्तरीय कार्रवाई की चपेट में सतीश सनपाल के साथ उनकी पत्नी ताबिंदा और उनकी प्रमुख व्यावसायिक संस्थाएं जैसे ANAX Holding, ANAX Capital तथा SSB Bazaar General Trading से जुड़े तमाम बैंक खाते और लॉकर एक्सेस भी आ गए हैं. अधिकारियों द्वारा इस तय अवधि के भीतर फंड के वैध स्रोतों से जुड़े पुख्ता दस्तावेज पेश करने की मांग की गई है. जिसके बाद आगे की पूरी वैधानिक प्रक्रिया अब पूरी तरह से जांच के अंतिम नतीजों पर ही निर्भर करेगी.
भारतीय मूल के कारोबारी पर हुई बड़ी कार्रवाई
वित्तीय मामलों की इस बड़ी जांच के दायरे में आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. यूएई प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में बढ़ती सख्ती को साफ तौर पर दर्शाता है. जिन कंपनियों और खातों पर शिकंजा कसा गया है, वे बड़े पैमाने पर कारोबार से जुड़ी हुई हैं. शुरुआती दौर में यह प्रतिबंध 30 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसके दौरान यह साबित करना होगा कि खातों में मौजूद धन का स्रोत पूरी तरह वैध और कानूनी है. यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं किए जाते हैं, तो अधिकारियों द्वारा आगे और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं.
दिल्ली उच्च न्यायालय से मिल चुकी है राहत
भारत के भीतर भी सतीश सनपाल का नाम वित्तीय अनियमितताओं और कथित सट्टा नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच के संदर्भ में लगातार सुर्खियों में रहा है. उनके सहयोगियों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी देश के विभिन्न मंचों पर कानूनी कार्रवाई का सिलसिला चल रहा है. हालांकि इन सबके बीच इसी साल मई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सतीश सनपाल को बड़ी राहत प्रदान की थी. अदालत ने देश के मीडिया घरानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यह सख्त निर्देश दिया था कि उनके खिलाफ बिना किसी पुख्ता पुष्टि के कोई भी भ्रामक जानकारी या भगोड़ा जैसे अपमानजनक दावे प्रसारित न किए जाएं. इसके बावजूद दुबई में हुई ताजा प्रशासनिक कार्रवाई के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय गलियारों में उनके कामकाज और पुरानी गतिविधियों को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं. भारतीय जांच एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं.
