
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मशहूर अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी आरोपी सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। यह अदालती आदेश राज्य सरकार और मृतका के पिता नवनिधि शर्मा की तरफ से दायर की गई उस विशेष याचिका पर आया है जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोपी गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई है। इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए दलील दी कि आरोपी पूर्व न्यायाधीश पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं, जबकि गिरिबाला सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख तय की है।
सीबीआई ने संभाली जांच की कमान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है। जांच एजेंसी की एक विशेष टीम दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो चुकी है जो स्थानीय पुलिस से मिलकर केस से जुड़े सभी दस्तावेज और सबूत अपने हाथ में लेगी। दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी सुनवाई शुरू कर दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस संवेदनशील विषय में कानून को अपना काम करने देना चाहिए और किसी भी तरह की बाहरी बयानबाजी से बचना चाहिए। अदालत ने न्यायपालिका की छवि को लेकर भी चिंता जताई है।
तेरह दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी आरोपी सास गिरिबाला सिंह पर जांच को प्रभावित करने का गंभीर आरोप लगाया है। गौरतलब है कि 33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल के घर में फंदे से लटकी पाई गई थीं। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा और उनके परिवार ने ससुराल वालों पर गंभीर रूप से दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ ससुराल पक्ष का कहना है कि मृतका को नशे की लत थी। इस दुखद घटना के 13 दिन बीतने के बाद कल 24 मई को ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार किया जा सका।
