
जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल महाविद्यालय में महामहिम राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके अंतर्गत जिले के 200 चयनित विद्यार्थियों को योगाभ्यास, प्राणायाम तथा सहज योग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ सहज योग प्रशिक्षक श्रीमती संध्या करमरकर ने विद्यार्थियों को ध्यान और प्राणायाम की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने की। इस अवसर पर प्रो. अरुण शुक्ला, डॉ. ज्योति जुनगरे, डॉ. आनंद सिंह राणा, डॉ. मूर्तिदास यादव और जिले के सभी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासन इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जुटा हुआ है।
विद्यार्थियों ने सीखे आत्मिक शांति और जीवन संतुलन के सूत्र
वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती संध्या करमरकर ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि सहज योग व्यक्ति के भीतर आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास को मजबूत करता है। यह मनुष्य के जीवन को पूरी तरह संतुलित और तनावमुक्त बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में मौजूद प्रो. अरुण शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है। यह हमारी भारतीय ज्ञान परंपरा का एक ऐसा अद्भुत विज्ञान है जो मन, बुद्धि और आत्मा के बीच तालमेल का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को दैनिक जीवन में नियमित योगाभ्यास अपनाने और एक स्वस्थ तथा अनुशासित जीवन शैली का पालन करने का संदेश दिया।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा मुख्य आयोजन
डॉ. ज्योति जुनगरे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि योग युवाओं के भीतर एकाग्रता, आत्मनियंत्रण और नेतृत्व क्षमता को निखारता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पूरे समर्पण और उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया को बेहतर स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण की राह दिखा रही है। महामहिम राष्ट्रपति महोदया की गरिमामयी उपस्थिति में होने वाला यह योग दिवस कार्यक्रम सभी विद्यार्थियों के लिए जीवनभर का प्रेरणास्रोत साबित होगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन और समर्पण के साथ इस आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की। प्रशिक्षण प्राप्त यह सभी विद्यार्थी मुख्य कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
