डिंडौरी में सरकारी तंत्र की मिलीभगत से जमीन की जालसाजी
पैतृक जमीन हड़पने के लिए रची गई खूनी रिश्तों में साजिश
कोर्ट के आदेश पर पटवारी और तहसीलदार समेत चार पर मुकदमा

डिंडौरी। डिंडौरी में करोड़ों रुपए की पैतृक संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित इन्द्रपाल सोनपाली (बबलू) की शिकायत पर उनके चाचा नंदलाल सोनपाली, चचेरे भाई रोहित सोनपाली, तत्कालीन पटवारी हिरेन्द्र सूर्याम और तत्कालीन तहसीलदार गोविंदराम सलामे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों ने साल 2022 में स्वर्गीय बालमुकुंद की संपत्ति पर मृतका दादी की फर्जी वसीयत और पंजाब में रह रही मां के जाली दस्तखत से नकली नोटरी तैयार करवाई। राजस्व अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग कर असली वारिसों को बिना सूचना दिए डिंडौरी और सुबखार की 6.79 हेक्टेयर जमीन का नामांतरण कर दिया। पुलिस अब कोर्ट के निर्देश पर धारा 156(3) के तहत मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
फर्जी कागजातों से तैयार हुई संपत्ति की झूठी कहानी
पीड़ित के दादा की मृत्यु के बाद से जमीन का विवाद साल 2006 से हाई कोर्ट में लंबित है। इसके बाद भी आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी वसीयतनामा तैयार किया। पीड़ित की मां साल 2021 से लगातार पंजाब में निवास कर रही हैं। आरोपियों ने उनकी अनुपस्थिति में उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एक अनापत्ति शपथ पत्र तैयार करवा लिया। इस झूठे दस्तावेज में दर्शाया गया कि मां को इस करोड़ों की जमीन से कोई हिस्सा नहीं चाहिए। इस तरह पूरी पैतृक संपत्ति को हड़पने की साजिश रची गई।
राजस्व अधिकारियों ने मिलकर किया सरकारी पद का दुरुपयोग
इस जमीनी हेरफेर में तत्कालीन पटवारी और तत्कालीन तहसीलदार ने मिलकर नियमों को ताक पर रख दिया। उन्होंने असली हकदारों को कोई नोटिस या सूचना जारी नहीं की और न ही उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाया। सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मकान, कुआं और पेड़ों को छिपाकर जमीन को पूरी तरह खाली दिखा दिया गया। इस खाली जमीन के आधार पर एक दानपत्र तैयार किया गया ताकि बिना प्रशासनिक अनुमति के इसका हस्तांतरण किया जा सके।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से खुली कानूनी जांच
जालसाजी का पता चलने पर पीड़ित ने सीधे कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के कड़े रुख के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड और नोटरी से जुड़े सभी संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त कर उनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान मिलने वाले नए सबूतों के आधार पर केस में अन्य कानूनी धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।
