
डिंडोरी। जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है जहां गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 10 बच्चों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा के लिए सोमवार को जबलपुर के मेडिकल कॉलेज और अन्य अनुबंधित अस्पतालों के लिए एंबुलेंस से रवाना किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील कदम के तहत इन सभी बच्चों का इलाज पूरी तरह से निःशुल्क कराया जाएगा जिसके लिए तीन प्रमुख सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा और अस्पताल में किसी भी तरह की कागजी या चिकित्सीय परेशानी से बचने के लिए विभाग की ओर से डॉक्टर हर्षवर्धन सिंह धुर्वे और डॉक्टर आकाश सिंदराम को विशेष तौर पर साथ भेजा गया है जो परिजनों की हर संभव मदद करेंगे। इस पूरी स्वास्थ्य यात्रा में जिन बच्चों को जबलपुर भेजा गया है उनमें 10 माह का लक्ष्य, 4 साल के मेघाबाई, 9 साल के शिवम मरावी, साढ़े चार साल के आशीष, 7 साल के रोहित, 4 साल की काव्या, 13 वर्षीय दामिनी उइके और मनीषा समेत कुल 10 बच्चे शामिल हैं जिन्हें उनके जरूरी दस्तावेजों के साथ भेजा गया है।
गंभीर बीमारियों से जंग जीतने रवाना हुए बच्चे
मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और राज्य बीमारी सहायता योजना के माध्यम से इन सभी जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के दायरे में जन्म से जुड़ी गंभीर बीमारियां, दिल के रोग, कैंसर, किडनी और लीवर से जुड़ी जटिल समस्याएं तथा न्यूरो संबंधी रोग आते हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीब परिवार इस प्रकार की प्राण रक्षक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सीधे तौर पर जिला मुख्यालय पर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय या फिर कलेक्टर कार्यालय में अपना आवेदन जमा करा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और मानवीय पहल से डिंडोरी के इन परिवारों में अपने बच्चों के स्वस्थ भविष्य की एक नई और मजबूत उम्मीद जग गई है।
