
जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र की सुहागी सरस्वती कॉलोनी के पन्नी मोहल्ला में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने 10 जुलाई को भंडाफोड़ किया। इस मामले में मकान मालिक निमेष विनोदिया, मुख्य संचालिका मंजू निखर, उसके पति मुकेश निखर और पुत्र आरूष निखर को गिरफ्तार किया गया। ग्राहक अभय सिंह, सुबोध सिंह और संजय चौरसिया भी पकड़े गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधारताल थाने में पदस्थ आरक्षक सतीश झारिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में सामने आया कि यह रैकेट उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला था जहाँ से युवतियों को बुलाया जाता था।
वर्दी की आड़ में चल रहा था धंधा
पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अधारताल थाने में तैनात आरक्षक सतीश झारिया इस पूरे काले कारोबार में सीधे तौर पर संलिप्त था। आरोप है कि आरक्षक सतीश झारिया न केवल इस रैकेट को संरक्षण दे रहा था, बल्कि अपनी वर्दी और पद का रौब दिखाकर आरोपियों से मोटी रकम भी वसूल रहा था। पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक की संदिग्ध भूमिका को पुख्ता मानते हुए उस पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की है। वहीं, थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार से भी इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा गया है ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली में हुई लापरवाही की जड़ तक पहुंचा जा सके।
चार साल से चल रहा था घिनौना खेल
सुहागी सरस्वती कॉलोनी में निमेष विनोदिया के मकान में पिछले 4 साल से यह सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा था। पकड़ा गया मकान मालिक निमेष विनोदिया पीडब्ल्यूडी सीनियर इंजीनियर ऑफिस में बाबू है और इस देह व्यापार में उसकी सीधी हिस्सेदारी भी थी। पुलिस ने 10 जुलाई को घेराबंदी कर मौके से सभी को गिरफ्तार किया था। उस समय एक पीड़िता को पुलिस ने चंगुल से मुक्त भी कराया था। मकान मालिक निमेष विनोदिया घटना के बाद फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 12 जुलाई को दबोच लिया। पुलिस अब इस गिरोह के तार अन्य राज्यों तक खंगालने में जुटी है।
सप्लायरों पर पुलिस की गहरी नजर है
सेक्स रैकेट मामले में अभी और भी कई चेहरे बेनकाब होने की संभावना है। जांच के दौरान पुलिस को कुछ नए नाम मिले हैं जो इस रैकेट के नेटवर्क को और अधिक विस्तृत करते हैं। पुलिस की टीम अब उन सप्लायरों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है जो दूसरे राज्यों से युवतियों को जबलपुर भेजते थे। सूत्रों का कहना है कि इन सप्लायरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। जैसे ही ये सप्लायर पुलिस की गिरफ्त में आएंगे, इस पूरे नेटवर्क के पीछे छिपे बड़े लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
