सिंहस्थ 2028 में मोबाइल चार्जिंग से लेकर पंडाल की लाइट तक, सब रहेगा एकदम ‘ऑन’

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Newzo - News Editor 36 Views
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सिंहस्थ 2028 की बिजली व्यवस्था को लेकर एमपी ट्रांसको अलर्ट, एमडी सुनील तिवारी ने निर्माण कार्यों का लिया जायजा

जबलपुर। एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने मध्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत पारेषण अधोसंरचना विकास कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने जबलपुर से जारी निर्देशों के बाद उज्जैन पहुंचकर 132 केवी चिंतामन सबस्टेशन और शहर के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन त्रिवेणी विहार के निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। प्रबंध संचालक ने अधिकारियों और काम कर रही एजेंसियों को सख्त हिदायत दी कि धार्मिक महापर्व से जुड़े इन सभी अधिसूचित कार्यों को उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ हर हाल में तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उज्जैन और इंदौर क्षेत्र के कई वरिष्ठ बिजली अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

​उज्जैन में दो नए बड़े विद्युत सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य तेज

​धार्मिक महापर्व के दौरान उज्जैन में बिजली की अनुमानित अधिकतम मांग 750 मेगावाट तक पहुंचने का आकलन किया गया है। इस भारी मांग को बिना किसी बाधा के पूरा करने और बिजली आपूर्ति को पूरी तरह विश्वसनीय बनाने के लिए एमपी ट्रांसको लगातार काम कर रही है। विभाग द्वारा उज्जैन के मौजूदा विभिन्न सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत शहर में दो नए एक्स्ट्रा हाई टेंशन विद्युत सबस्टेशनों को बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह का लोड बढ़ने पर बिजली ग्रिड पर कोई दबाव न आए और निर्बाध सप्लाई चालू रहे।

​पुराने निर्देशों और पर्ट चार्ट के आधार पर प्रोजेक्ट की समीक्षा

​प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने उज्जैन दौरे पर पुराने निर्देशों की समीक्षा की और पहले से तैयार पर्ट चार्ट के आधार पर एक-एक काम की प्रगति को परखा। उन्होंने फील्ड में तैनात सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन निर्माण कार्यों की रोजाना और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। सभी परियोजनाओं को बिना किसी देरी के तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा करने की जिम्मेदारी तय की गई है ताकि समय रहते पूरे सिस्टम का ट्रायल रन किया जा सके। सरकार की मंशा के अनुरूप इस पूरे प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे महापर्व के समय लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को 24 घंटे बिना ट्रिपिंग के बिजली मिल सके।

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