
राजभाषा के प्रचार और प्रसार के लिए महाप्रबंधक कार्यालय में विशेष आयोजन
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर में सोमवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग और रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। महाप्रबंधक श्री दिलीप कुमार सिंह के संरक्षण तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी निर्माण एमएस हाशमी के कुशल निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को दैनिक सरकारी कार्यों को हिंदी में सुगमता से करने के योग्य बनाना था। महाप्रबंधक कार्यालय के दो सत्रों में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कंप्यूटर पर यूनिकोड का प्रयोग विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी श्री संतलाल मर्सकोले द्वारा संचालित इस पूरी कार्यशाला में कुल 02 अधिकारियों और 30 कर्मचारियों ने भाग लेकर हिंदी भाषा में काम करने की बारीकियों को समझा।
दो सत्रों में दी गई यूनिकोड और राजभाषा नीति की व्यावहारिक जानकारी
इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो अलग-अलग महत्वपूर्ण सत्रों में विभाजित किया गया था ताकि सभी कर्मचारियों को व्यावहारिक ज्ञान मिल सके। पहले सत्र के दौरान श्री बिपुल कुमार मंडल ने प्रोजेक्टर और पीपीटी के माध्यम से कंप्यूटर पर यूनिकोड का प्रयोग विषय पर अपना व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान के तुरंत बाद उपस्थित सभी रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को कंप्यूटर पर स्वयं काम करके देखने के लिए प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये सभी 02 अधिकारी और 30 कर्मचारी महाप्रबंधक कार्यालय के कार्मिक विभाग से जुड़े हुए थे। इसके बाद आयोजित किए गए दूसरे सत्र में डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए आई गॉट कर्मयोगी ऐप पर संघ की राजभाषा नीति एवं अधिनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने इस तकनीकी सत्र में बहुत उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य रेलवे प्रशासन के कामकाज को पूरी तरह से सरल और पारदर्शी बनाना है। कंप्यूटर पर यूनिकोड के इस्तेमाल से अब कर्मचारियों को फाइलों और पत्रों को हिंदी में तैयार करने में किसी भी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म आई गॉट कर्मयोगी ऐप के माध्यम से दी गई जानकारी से रेल कर्मियों को केंद्र सरकार के नियमों को समझने में आसानी होगी। इस कार्यशाला के समापन पर सभी रेल कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कामकाज में अनिवार्य रूप से हिंदी का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि राजभाषा नीति के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
