
जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बिजली अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता अपनी धौंस जमाकर और दबाव बनाकर छोटी सी भूल पर भी लाइन कर्मियों को कारण बताओ नोटिस थमा रहे हैं। अधिकारियों का यह रवैया कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है जिससे हादसे हो रहे हैं। विभाग के नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी 90% तक राजस्व वसूली का काम पूरा करते हैं। इसके बाद भी अधिकारी लाइन कर्मियों को जरूरी सुरक्षा उपकरण देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। इससे बिजली व्यवस्था का काम भी प्रभावित हो रहा है।
अधिकारी सुरक्षा साधन देने में नाकाम
बिना सुरक्षा सामान के करंट का काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो रहा है। जब लाइन कर्मी दफ्तर जाकर जरूरी सामान मांगते हैं तो अधिकारी उनको खुद के पैसों से उपकरण खरीदने की बेतुकी बात कहते हैं। अधिकारियों का यह व्यवहार काम कर रहे कर्मचारियों का मनोबल पूरी तरह तोड़ रहा है। यूनियन नेता ने प्रबंधन से मांग की है कि लाइन कर्मियों पर अकारण दबाव बनाना बंद किया जाए। बिना किसी ठोस वजह के दिए जा रहे कारण बताओ नोटिस पर रोक लगे और सभी श्रेणी के कर्मचारियों को तुरंत काम के लिए जरूरी सुरक्षा किट दी जाए ताकि हादसों पर रोक लग सके।
