
जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण में इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और अजीबो-गरीब घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। पूर्व सीईओ दीपक वैद्य का स्थानांतरण आदेश जारी होने के लगभग 1 महीने बाद उन्हें यहां से कार्यमुक्त किया गया। इस घटना के तुरंत बाद बुधवार को प्राधिकरण कार्यालय में एक नया मामला सामने आया। एक अज्ञात व्यक्ति अचानक सीईओ कक्ष में दाखिल हुआ और करीब 30 मिनट तक मुख्य कुर्सी पर बैठा रहा। कर्मचारियों के कुछ समझने या पूछने से पहले ही वह व्यक्ति वहां से चला गया। इस घटना से कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है। बिना किसी आधिकारिक आदेश के अधिकारी की कुर्सी पर बैठने के इस वाकये की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बिना लिखित आदेश के आये और चले गए
प्राधिकरण कार्यालय में बुधवार का दिन सामान्य दिनों की तरह शुरू हुआ था। अचानक एक व्यक्ति सीधे सीईओ के केबिन में दाखिल हुआ। उसने वहां मौजूद कर्मचारियों से कोई बात नहीं की और सीधे जाकर मुख्य कुर्सी पर बैठ गया। लगभग आधे घंटे तक वह उसी केबिन में मौजूद रहा। उपस्थित कर्मचारियों को लगा कि शायद शासन की ओर से नए अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जब कर्मचारियों ने प्रशासनिक आदेश के संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश की, तब तक वह व्यक्ति केबिन से बाहर निकलकर जा चुका था। इस घटना के बाद कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी बेहद हैरान हैं।
कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता
प्रशासनिक नियमों के अनुसार किसी भी विभाग में नए अधिकारी के प्रभार ग्रहण करने से पहले शासन द्वारा विधिवत आदेश जारी किया जाता है। जबलपुर विकास प्राधिकरण में इस प्रक्रिया का पालन नहीं देखा गया। किसी भी कर्मचारी के पास नए सीईओ की नियुक्ति या प्रभार का कोई पत्र नहीं पहुंचा है। एक जिम्मेदार और संवेदनशील पद पर बिना किसी आधिकारिक जानकारी के किसी व्यक्ति का आकर बैठना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। कर्मचारियों ने जब इस संबंध में आपस में चर्चा की तो कोई भी सही जानकारी नहीं दे पाया।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार सरगर्म
पूर्व सीईओ दीपक वैद्य का तबादला होने के बाद से ही यहां नए अधिकारी की तैनाती को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। स्थानांतरण आदेश के 1 महीने बाद उनका रिलीव होना और उसके तुरंत बाद ऐसा घटनाक्रम होना चर्चा का विषय बन गया है। प्राधिकरण के अधिकारी इस पूरे मामले पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं। इस अनहोनी घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। अब देखना यह होगा कि शासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और स्थिति कब तक साफ होती है।
