
जबलपुर। नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रनगर के पास 19 जुलाई को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई थी। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दुखद घटना के बाद से ही इस अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे और लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग तथा नगर निगम की संयुक्त टीम ने इस संस्थान पर औचक छापेमारी की। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी के नेतृत्व में की गई इस उच्चस्तरीय जांच के दौरान अस्पताल के भीतर भारी अनियमितताएं और अवैध संचालन का पर्दाफाश हुआ, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।
डॉक्टर अमित खरे के अस्पताल में अनियमितताएं मिलीं
जांच के दौरान सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने पाया कि यह अस्पताल बिना किसी योग्य डॉक्टर या प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ के संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण के वक्त मौके पर कोई भी रेजिडेंट या विजिटिंग डॉक्टर मौजूद नहीं था और फोन संपर्क करने पर भी कोई चिकित्सक वहां नहीं पहुंचा। इस औचक निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल के भीतर बिना किसी मान्यता के पैथोलॉजी लैब और अवैध फार्मेसी का संचालन किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, संस्थान के पास अग्निशमन यंत्रों की एनओसी और भवन निर्माण की वैध अनुमति तक नहीं थी।
सभी आठ मरीजों को मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया
अस्पताल की इस दयनीय और खतरनाक स्थिति को देखते हुए वहां भर्ती मिले सभी आठ मरीजों की सुरक्षा को प्रशासन ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सीएमएचओ ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. शर्मा से दूरभाष पर चर्चा की। इसके बाद तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा बुलाई गई और सभी आठों मरीजों को बेहतर तथा सुरक्षित चिकित्सा के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर दिया गया।
दस्तावेज पेश करने दी मोहलत
प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इस संस्थान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और चिकित्सा विभाग के पूरे परिसर को पूरी तरह सील कर दिया। अस्पताल का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने हेतु आधिकारिक नोटिस भी जारी कर दिया गया है। प्रबंधन को अपने सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।
