नौरादेही की बाघिन का जबलपुर में इलाज जारी,अफसरों ने ओढ़ी खामोशी

Newzo
Newzo - News Editor 82 Views
3 Min Read

जबलपुर। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही क्षेत्र से आई खबर ने सबको चिंतित कर दिया है। यहाँ लगभग 1 से डेढ़ साल की एक युवा बाघिन को बेहद नाजुक हालत में जबलपुर के वेटरनरी कॉलेज स्थित स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ में भर्ती कराया गया है। बाघिन में जानलेवा कैनाइन डिस्टेंपर वायरस होने की आशंका है, जिससे वन विभाग के अधिकारी सकते में हैं। बाघिन के पैरों में गंभीर सूजन है और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी चोटें देखी गई हैं। उसे तत्काल ड्रिप चढ़ाकर उपचार शुरू किया गया है और जांच के लिए जरूरी सैंपल लिए गए हैं। यह वही बाघिन है जिसने 2 दिन पहले वन कर्मचारी पर हमला किया था। सुरक्षा के मद्देनजर उसे भोपाल भेजने के बजाय जबलपुर रेफर किया गया ताकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका बेहतर इलाज संभव हो सके।

जटिल संक्रमण ने बढ़ाई वन विभाग की मुसीबतें

​बाघिन की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। उसे रेस्क्यू करने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था, क्योंकि उसके व्यवहार में आक्रामकता देखी जा रही थी। वेटरनरी कॉलेज के जानकारों का मानना है कि यदि वायरस की पुष्टि होती है, तो यह बहुत बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल पूरा ध्यान उसे स्थिर करने पर है। वन विभाग के अधिकारी वैज्ञानिक तरीकों से उसके स्वास्थ्य का परीक्षण कर रहे हैं। बाघिन के शरीर पर मिले घाव और उसकी असहज शारीरिक गतिविधि किसी गहरे आंतरिक दर्द की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसका उपचार अब प्राथमिकता है। उसके रेस्क्यू से लेकर अस्पताल तक के सफर में बहुत सावधानी बरती गई है ताकि उसे और अधिक तनाव न हो।

अधिकारियों की चुप्पी से गहराया संकट

​उपचार के दौरान जानकारी साझा करने को लेकर अधिकारियों में तालमेल का अभाव दिख रहा है। स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे ने आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस विषय में जो भी जानकारी देनी है, वह वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ के स्तर से ही दी जाएगी। वहीं, नौरादेही टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह का कहना है कि बाघिन को जबलपुर भेजना उनका निर्णय था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट की गोपनीयता अब केंद्र की निदेशक के अधिकार में है। इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के मौन से बाघिन के स्वास्थ्य को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। आम जनता और वन्यजीव प्रेमी बाघिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

Share This Article
error: This Content is protected !!