डिंडौरी: लैम्पस प्रबंधक की पत्नी की दुकान पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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Newzo - News Editor 62 Views
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डिंडौरी। जिले के विक्रमपुर में कृषि विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए लैम्पस प्रबंधक एस.एन. चौकसे की पत्नी सुमन चौकसे के बीज भंडार को सील कर दिया है और लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई 11 जून को हुए निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने के बाद की गई। जांच के दौरान दुकान पर बिना वैध अनुमति के पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर का भंडारण पाया गया था। विभागीय टीम ने 3.5 लीटर तरल पेस्टीसाइड, 9.92 किलोग्राम पाउडर पेस्टीसाइड और 69.6 किलोग्राम फर्टिलाइजर जब्त किया था। 30 जून को जब अधिकारी दोबारा जांच के लिए पहुंचे तो यह सामग्री वहां से गायब मिली, जिसके चलते दुकान पर यह सख्त कदम उठाया गया। उपसंचालक संजय दोशी ने बताया कि दुकान संचालक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

​सील सामग्री गायब होने पर विभाग सख्त हुआ

​स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने आरोप लगाया है कि जब अधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे, तो लैम्पस प्रबंधक स्वयं अपनी पत्नी की दुकान से किसानों को सामग्री बेचते हुए मिले थे। इस दौरान उनकी पत्नी ने अधिकारियों से कार्रवाई न करने की विनती भी की थी। खमरिया गांव के किसान हेमराज मरकाम ने बताया कि लैम्पस से समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से किसान निजी दुकानों से महंगी दरों पर सामग्री खरीदने को मजबूर हैं, जिससे खेती की लागत में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। इस पूरी घटना ने सरकारी वितरण व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि एक तरफ लैम्पस से किसानों को सामग्री नहीं मिल पा रही है और दूसरी तरफ लैम्पस प्रबंधक के परिवार द्वारा अवैध रूप से व्यापार किया जा रहा है।

​लाइसेंस निरस्त कर कृषि विभाग ने कार्यवाही की

​लैम्पस प्रबंधन ने अपने बचाव में तर्क दिया है कि सोसायटी में डीएपी और यूरिया का पुराना स्टॉक तो मौजूद है, लेकिन आवश्यक फैकल्टी के अभाव में इसका वितरण अभी रोका गया है। प्रबंधन का दावा है कि लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया जारी है और अगले 2 से 3 दिनों के भीतर खाद का वितरण सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल कृषि विभाग ने दुकान को सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि जब्त की गई सामग्री आखिर दुकान से कैसे गायब हुई। पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियम विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी सख्त निरीक्षण जारी रहेंगे।

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