जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्यालय शक्ति भवन स्थित प्रोक्योरमेंट विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी अमनदीप सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने पर सहकर्मियों ने अनुकरणीय मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। कार्यालयीन समय में कार्य करते वक्त अमनदीप अचानक अचेत होकर गिर पड़े और उनकी नाक से रक्तस्राव होने लगा जिसे देखकर वहां मौजूद साथी कर्मी घबरा गए। उसी समय लंच के बाद अपने कार्यालय लौट रहे अधीक्षण अभियंता प्रमोद बेहरे को इस घटना की सूचना मिली। उन्होंने बिना किसी देरी के विवेक राव, उमाकांत मालवीय और अन्य सहयोगी कर्मचारियों के साथ मिलकर तुरंत अमनदीप को अपने निजी वाहन से भंडारी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद स्पष्ट किया कि मरीज को बिल्कुल सही समय पर यानी गोल्डन पीरियड के भीतर अस्पताल लाया गया जिससे उनकी स्थिति गंभीर होने से बच गई। डॉक्टरों का कहना था कि यदि अस्पताल पहुंचाने में थोड़ी भी देर हो जाती तो जान का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। इस पूरी घटना के दौरान ट्रांसको परिवार के अधिकारियों ने आपसी सहयोग की एक बेहतरीन मिसाल पेश की और अमनदीप के परिवार को पूरा संबल दिया।
अब संकट से बाहर है कर्मचारी
अस्पताल पहुंचने के बाद अधीक्षण अभियंता प्रमोद बेहरे के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य अभियंता विनय परवार, कार्यपालन अभियंता सुरेश त्रिवेदी, इकबाल खान और सुमंत मिश्रा ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। इन सभी अधिकारियों ने अस्पताल में इलाज, दवाइयों और अन्य जरूरी प्रबंधों में पूरा सहयोग किया तथा पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। ट्रांसको के इन अधिकारियों और कर्मियों की त्वरित सूझबूझ और मानवीय सोच के कारण आज अमनदीप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका परिवार संकट के इस दौर से बाहर निकल आया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब आपसी सहयोग और समय पर उठाए गए कदम साथ हों तो बड़ी से बड़ी आपदा को भी टाला जा सकता है।
