Breaking…गेहूं उपार्जन में किसानों से अवैध वसूली और धोखाधड़ी, सिहोरा के देवाश्री ग्राम संगठन के सात कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज

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Newzo - News Editor
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जबलपुर। जिले की तहसील सिहोरा के अंतर्गत आने वाले शासकीय गेहूं उपार्जन केन्द्र देवाश्री ग्राम संगठन केंद्र क्रमांक 01 (केन्द्र कोड 56433196) में किसानों के साथ बड़े पैमाने पर अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस केंद्र पर नर्मदा इंटरप्राइजेस गोदाम क्रमांक 158-ए ग्राम गौरहा में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीदी चल रही थी। संयुक्त कलेक्टर और जिला नोडल अधिकारी उपार्जन ऋषभ जैन के निर्देश पर कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार जाटव ने पुलिस थाना सिहोरा में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है। जांच में पाया गया कि उपार्जन नीति और एसओपी के नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए किसानों से तुलाई, सिलाई और तौल पर्ची के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे। इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी और किसानों को डराने-धमकाने के आरोप में पुलिस ने केंद्र प्रभारी आरती रजक, आवक रजिस्टर संधारक नीलम रजक, कंप्यूटर ऑपरेटर ज्योति वर्मन, तुलाई कर्मी शिखा कोरी, कर्मचारी आनंद पटेल, ग्राउंड सर्वेयर अंकित उपाध्याय और गोदाम सर्वेयर अमर चौधरी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

जांच में खुली पोल, बोरी और पर्ची के नाम पर लूटे पैसे

​राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों के दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में यह बात सामने आई कि उपार्जन केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने कुछ किसानों से बारदाने में गेहूं की भराई और तुलाई के लिए 8 रुपये से लेकर 10 रुपये प्रति बोरी अवैध रूप से वसूल किए। इतना ही नहीं, केंद्र पर सिलाई के नाम पर 100 रुपये और तौल पर्ची काटने के नाम पर 100 रुपये की अतिरिक्त जबरन वसूली भी की जा रही थी, जबकि शासकीय नियमानुसार लेबर का भुगतान उपार्जन संस्था को स्वयं करना होता है।

जबरन तुलवाया एक्स्ट्रा अनाज, खाते में भी ली रिश्वत

​इस भ्रष्टाचार की गहराई तब उजागर हुई जब किसानों के बयानों में यह बात सामने आई कि तय मात्रा से अधिक अनाज तौला जा रहा था। किसान सुनील कुमार तिवारी और उनकी पत्नी के पंजीयन पर 80 किलोग्राम गेहूं, शाहिल कुर्मी के पिता के पंजीयन पर 50 किलोग्राम गेहूं और किसान सुनील पिता विजय से 6 बोरी यानी 3 क्विंटल गेहूं विक्रय मात्रा से अधिक अवैध रूप से लिया गया। इसके अलावा एक अन्य कृषक अशोक कुमार पटेल से संस्था के कर्मचारी आनंद पटेल ने अपने निजी बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से 3,200 रुपये की रिश्वत भी ट्रांसफर करवाई।

सर्वेयर ने बढ़ाया दबाव, पांच लाख से अधिक की वसूली

​उपार्जन केंद्र पर तैनात खरीदी सर्वेयर अंकित उपाध्याय और गोदाम सर्वेयर अमर चौधरी की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध पाई गई, जो किसानों के अनाज का तुरंत एफएक्यू परीक्षण न करते हुए बाद में फीडिंग के समय जांच करते थे और इसके नाम पर किसानों पर अनुचित रूप से पैसे देने का दबाव बनाते थे। केंद्र पर अब तक कुल 308 कृषकों से 22,362 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है, जिसमें प्रति क्विंटल 20 रुपये और प्रति किसान 200 रुपये के मान से कुल 5,08,840 रुपये की अवैध वसूली की गई है, जिसे अब भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूल किया जाएगा।

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