जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन-आंदोलन, डिंडौरी में नदियों और तालाबों का होगा कायाकल्प

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Newzo - News Editor 34 Views
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  • जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर की मौजूदगी में नर्मदा तट पर हुआ भव्य आयोजन
  • ​स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों के जरिए आम जनता को जल संचय के लिए जगाया
  • ​शहपुरा, बजाग और समनापुर सहित सभी विकासखंडों के नदी घाटों पर हुआ व्यापक श्रमदान

डिंडौरी। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों में जल स्रोतों के संरक्षण और साफ-सफाई के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम डिंडौरी के मां नर्मदा डेम घाट पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सारस, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, सांसद प्रतिनिधि सुधीर दत्त तिवारी, आशीष वैश्य, ज्योतिरादित्य भलावी, महेंद्र दहिया, मोहन नरवरिया, महेश धुमकेती, सुदील बरमैया, श्रीमती स्मिता बर्मन, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा, एसडीएम रामबाबू देवांगन, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेंद्र कुमार जाटव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी मोहपत सिंह, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, सीईओ जनपद पंकज देवड़ा, सीएमओ अमित तिवारी और जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और उपस्थित जनसमुदाय को पानी बचाने के लिए सामूहिक सहभागिता की शपथ दिलाई।

​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनभागीदारी से जल स्रोतों की स्वच्छता

​जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों श्री गिरीश सोनी, श्री अंशुल सोनी और उमेश सराठे ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोकगायन की शानदार प्रस्तुति दी। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक लोकनृत्य पेश कर उपस्थित लोगों को जल संचय के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जल स्रोतों को बचाने के अभियान से जोड़ा गया। इस दौरान मां नर्मदा के पावन तट पर उपस्थित मुख्य अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर दीपदान किया तथा विधि-विधान से मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर नदी के संरक्षण का संकल्प लिया। जिले भर में हुए इन आयोजनों में लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

​पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और सोखता टैंक निर्माण पर जोर

​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि पानी को बचाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों के संवर्धन से ही हमारी आने वाली पीढ़ियों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जब हमारे जल स्रोत जीवित रहेंगे, तभी पशु-पक्षियों और सभी जीव-जंतुओं के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी। उन्होंने इस पूरे अभियान को जन-आंदोलन बनाने की बात कही ताकि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ सके। प्रशासन के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस संदेश को लगातार प्रसारित किया जा रहा है।

​ग्रामीण अंचलों और विकासखंडों में श्रमदान के जरिए घाटों की सफाई

​कलेक्टर ने जिले की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन सोखता टैंक, कन्टूर टेन्च और रेन वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक के माध्यम से भूजल स्तर को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से जल स्रोतों की स्वच्छता में श्रमदान करने की अपील की। जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के सभी विकासखंडों में भी सामूहिक श्रमदान कर जल स्रोतों के गहरीकरण और घाटों की सफाई का कार्य किया गया। इसके तहत जनपद शहपुरा के संगम घाट, ग्राम मालपुर, बजाग के नर्मदा घाट, ग्राम मझियाखार, अमरपुर के रानी तालाब, ग्राम रामगढ़, करंजिया के नर्मदा घाट, ग्राम गारकामट्टा, समनापुर की खरमेर नदी और मेंहदवानी के नर्मदा तट पर व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाकर रिचार्ज पिट का निर्माण किया गया।

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