चाय पर तो बहुत चर्चा हुई, इस बार ‘पोहे पर चर्चा’ ने बदल दिया जबलपुर का मिजाज!

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Newzo - News Editor 71 Views
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्वदेशी आह्वान को आगे बढ़ाने का सार्थक प्रयास, सुबह आठ बजे से सजा पारंपरिक व्यंजनों का दरबार, महकी पोहा-जलेबी की खुशबू, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ बैठकर चखा स्वदेशी स्वाद

जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के भारतीय परंपरा और स्वदेशी व्यंजनों को बढ़ावा देने के राष्ट्रव्यापी आह्वान से प्रेरित होकर जबलपुर में विश्व पोहा दिवस उत्साह से मनाया गया। नगर निगम मुख्यालय स्थित शासकीय महापौर निवास के प्रांगण में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की पहल पर आयोजित इस स्वदेशी पोहा, जलेबी और चटनी पार्टी में वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार सहित पत्रकार, कला, खेल, शिक्षा व स्वास्थ्य जगत के अनेक पदाधिकारी शामिल हुए। सुबह 08:00 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में अतिथियों ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और महापौर के साढ़े तीन साल के कार्यकाल की विकास प्रदर्शनी भी देखी।

​सांस्कृतिक समरसता और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संगम

​इस आयोजन में शहर की सांस्कृतिक समरसता और आपसी सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। सुबह से ही आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बन गया था, जहां समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ नजर आए। कड़ाही से छनती गरमा-गरम जलेबियों, पोहे और चटपटी चटनी के पारंपरिक स्वाद ने सभी का मन मोह लिया। इस गरिमामयी आयोजन में शहर के प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने एक साथ बैठकर इस पारंपरिक, सुपाच्य और स्वास्थ्यवर्धक भोजन का आनंद लिया, जिससे समाज में एकता और भाईचारे का संदेश गया।

​स्वदेशी व्यंजनों को जीवनशैली में शामिल करने का संदेश

​महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने सभी आगंतुकों का आत्मीय स्वागत करते हुए इसे स्वदेशी व्यंजनों का आनंद और प्रेम दिवस का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह आयोजन सभी स्नेहीजनों को एक साथ लाने और संवाद बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास है। प्रधानमंत्री के संकल्प के अनुरूप हमें अपनी जड़ों से जुड़कर स्वदेशी विरासत पर गर्व करना चाहिए। पोहा और जलेबी सिर्फ हमारा पसंदीदा नाश्ता नहीं बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा हैं, इसलिए देशहित में स्वदेशी सामग्रियों और खान-पान को प्राथमिकता देना जरूरी है।

​साढ़े तीन साल के विकास कार्यों की प्रदर्शनी

​इस विशेष अवसर पर महापौर ने अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों पर आधारित एक ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिससे लोगों को नगर निगम द्वारा किए गए विकास कार्यों और भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारियां मिलीं। यह प्रदर्शनी स्वदेशी उत्सव के साथ-साथ शहर के विकास की झलक दिखाने का एक प्रभावी माध्यम बनी, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा।

​पाश्चात्य संस्कृति के बीच पारंपरिक खानपान की सराहना

​कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने महापौर की इस सकारात्मक पहल की खुले दिल से सराहना की। अतिथियों ने कहा कि आधुनिक दौर में नई पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध से दूर रखकर अपनी समृद्ध और शुद्ध खान-पान परंपराओं से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजन बेहद आवश्यक हैं। कार्यक्रम में पंकज दुबे, संदीप रजक, एमआईसी सदस्य सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी, रजनी कैलाश साहू, अंशुल राघवेंद्र यादव सहित अनेक पार्षदों ने सहभागिता करते हुए स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया।

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