जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण ने अपने कामकाज में बड़ा बदलाव करते हुए आधुनिक तकनीक को पूरी तरह अपनाने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष संदीप जैन ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी के विजन को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण अब कागजी फाइलों के झंझट से मुक्त होकर पूरी तरह डिजिटल होने की ओर बढ़ रहा है। संदीप जैन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में ई-फाइलिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा, जिससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी और फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि आम नागरिक और हितग्राही सरकारी योजनाओं का लाभ अपने घर बैठे उठा सकें। तकनीक के इस समावेश से भ्रष्टाचार पर प्रभावी लगाम लगेगी और जेडीए की कार्यप्रणाली में आमूल-चूल बदलाव नजर आएगा।
जेडीए की कार्यसंस्कृति में अब तकनीक का प्रभाव
संदीप जैन ने कार्यालय में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए ई-अटेंडेंस और ई-विजिटर सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया है। इसके माध्यम से कर्मचारियों की समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी और दफ्तर आने वाले नागरिकों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस डेटा के आधार पर समस्याओं के निराकरण के लिए समय सीमा तय होगी। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तकनीक का उपयोग इस तरह से किया जाए कि जनता को दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। यह डिजिटल बदलाव प्राधिकरण को एक आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह संस्थान के रूप में स्थापित करेगा, जिससे आम आदमी को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सीधा सुधार होगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
विकास के साथ-साथ पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए प्राधिकरण ने परिसर में ग्रीन एनर्जी के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। संदीप जैन ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में सोलर सिस्टम और वॉटर हार्वेस्टिंग तकनीक को प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किया जाए। प्राधिकरण दफ्तर को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। सौर ऊर्जा और जल संवर्धन प्रणालियों के लगने से जेडीए न केवल पर्यावरण संरक्षण में मिसाल बनेगा बल्कि ऊर्जा की बचत कर सरकारी संसाधनों का भी बेहतर उपयोग करेगा। अध्यक्ष के अनुसार तकनीक और प्रकृति का यह संतुलन जबलपुर के विकास को नई ऊंचाई और एक आधुनिक पहचान प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
