पुलिस के सामने धमकी दे रहे आरोपी, एसपी दफ्तर पहुंचे घायलों ने बयां की खौफनाक दास्तान

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Newzo - News Editor 59 Views
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घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट करने वाले आरोपियों को बचाने और पीड़ितों पर ही काउंटर केस दर्ज करने का गौर चौकी प्रभारी पर लगा आरोप,अफसरों ने दिया जांच का आश्वासन

जबलपुर। बरेला थाना अंतर्गत गौर चौकी क्षेत्र में आने वाले सालीवाड़ा में 24 मई की रात 11 बजे भू-माफियाओं और दबंगों ने एक मकान में घुसकर जमकर खूनी संघर्ष किया। उमरिया कुडारी निवासी आवेदक आलोक शुक्ला ने चार वर्ष पहले सालीवाड़ा में एक मकान खरीदा था और उस पर दुमंजिला निर्माण करवाया था। इसी बात से खुन्नस खाकर स्थानीय दबंग शिवम चौबे और उसके साथी लगातार आलोक शुक्ला को परेशान कर रहे थे और मकान को पुराने दामों पर बेचने का दबाव बना रहे थे। घटना की रात शिवम चौबे, हिमांशु दुबे, लखन दुबे, राम नारायण दुबे, दिलराज ढिल्लों, दीपांशु दुबे, शंकर दुबे, शिवप्रसाद छोटू दुबे और 15 से 20 अज्ञात हमलावरों ने रॉड, पत्थरों और हथियारों से लैस होकर आलोक शुक्ला के घर पर धावा बोल दिया। जान बचाने के लिए आलोक जब ऊपरी कमरे में छिपे, तो उपद्रवियों ने नीचे सो रहे उनके रिश्तेदार शिवेंद्र और किरायेदार आकाश मिश्रा को बंधक बना लिया। हमलावरों ने उनके गुप्तांगों और आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, बेसबॉल के डंडे तथा लोहे की रॉड से इतनी बेरहमी से मारपीट की कि शिवेंद्र बेहोश हो गए। पीड़ितों को इलाज के लिए विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका एक्स-रे और सीटी स्कैन कराया गया। इस मामले में गौर चौकी प्रभारी नितिन पांडे पर आरोपियों के प्रभाव में आकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने, मुख्य आरोपियों के नाम एफआईआर से गायब करने और पीड़ितों पर ही झूठा काउंटर केस बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी लिखित शिकायत पीड़ित पक्ष ने आज को पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में दर्ज कराई है। उप पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने पीड़ितों के बयानों को सुना और आश्वासन दिया कि जल्दी ही आरोपियों और चौकी प्रभारी नितिन पांडे के खिलाफ जांच की जाएगी

हमलावरों ने घर में की भीषण तोड़फोड़ और नकदी सहित कीमती सामान लूटा

​दबंगों ने घर के दरवाजे तोड़कर भीतर खड़ी कार और दो पहिया वाहनों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घर के अंदर रखे टीवी, पंखे, खिड़कियां और पानी की टंकी को भी तहस-नहस कर दिया गया। पीड़ित आलोक शुक्ला का आरोप है कि हमलावरों ने घर के अंदर रखी अलमारी से रुपयों से भरा पर्स और अन्य कीमती सामान भी लूट लिया। जब पीड़ित ने आपातकालीन नंबर 112 डायल कर पुलिस बुलाई, तो मौके पर पहुंचे पुलिस के ड्राइवर और कर्मियों ने इस पूरी वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की, जिसमें दबंग पुलिस के सामने भी पत्थरबाजी और गुंडागर्दी करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

गौर चौकी पुलिस की भूमिका संदिग्ध, पीड़ितों को ही मुल्जिम बनाने की कोशिश

​वारदात के बाद जब पुलिस बल पीड़ित आलोक शुक्ला और उनके परिजनों को सुरक्षित निकालकर गौर चौकी लेकर आया, तो वहां पहले से ही आरोपियों के पक्ष के लोग और उनके मददगार मौजूद थे। चौकी प्रभारी नितिन पांडे ने मौके के वीडियो और साक्ष्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। गंभीर रूप से घायल शिवेंद्र को इलाज के लिए भेजने के बजाय पुलिस ने उन्हें रातभर चौकी में बिठाकर प्रताड़ित किया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दबाव में आकर असली अपराधियों को बचाने के लिए सिर्फ एक नाम लिखकर खानापूर्ति की और मामूली धाराओं में केस दर्ज कर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया।

वरिष्ठ अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार और जान-माल की रक्षा की मांग

​चौकी पुलिस के रवैये से निराश होकर पीड़ित पक्ष ने अगले दिन बरेला थाना प्रभारी से मुलाकात की, जहां उन्हें उचित जांच का आश्वासन मिला। इसके बाद आज पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचकर आवेदकों ने लिखित शिकायत सौंपी है। पीड़ित आलोक शुक्ला और शिवेंद्र कुमार ने मांग की है कि शिवम चौबे समेत सभी 8 नामजद और अन्य अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज की गई कमजोर एफआईआर को निरस्त किया जाए और मामले में कड़ी धाराएं जोड़कर नए सिरे से निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि बेखौफ घूम रहे आरोपी अब भी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।

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