जबलपुर:व्हाट्सएप हैक कर पंद्रह लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी

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Newzo - News Editor 62 Views
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जबलपुर। विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी और धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं जिनमें ठगों ने तकनीकी का दुरुपयोग कर नागरिकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला है। थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी श्रीमती सोनल सेठिया उम्र 35 वर्ष के साथ व्हाट्सएप हैक कर करीब 15 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। वहीं दूसरी घटना थाना गढ़ा क्षेत्र के शक्तिनगर निवासी विनायक महाजन उम्र 40 वर्ष के साथ हुई, जिनके मोबाइल में इंस्टाग्राम रील देखते समय एपीके मैलवेयर के जरिए 28 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। दोनों ही मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गहनता से विवेचना शुरू कर दी है और अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।

​व्हाट्सएप पर डरा धमकाकर ठगे गए पंद्रह लाख

​ 13 जुलाई से 16 जुलाई के बीच थाना कोतवाली इलाके में रहने वाली श्रीमती सोनल सेठिया के साथ एक गंभीर साइबर अपराध हुआ। पीड़िता दो नंबर से दो व्हाट्सएप चलाती है और उसका खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया विजय नगर में स्थित है। 13 तारीख़ सुबह लगभग 8:30 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया जिसके बाद उनका व्हाट्सएप ओपन होना बंद हो गया और लगातार संदेश आने लगे। अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें बुरी तरह डराया और धमकाया तथा लगातार धमकी देकर विभिन्न स्कैनर के माध्यम से कुल 15 लाख रुपये हड़प लिए। इस पूरी राशि में से लगभग एक लाख रुपये पीड़िता ने अपने सेंट्रल बैंक खाते से सीधे भेजे गए स्कैनर पर ट्रांसफर किए, जबकि बाकी के चौदह लाख रुपये उन्होंने शहर की अलग-अलग दुकानों पर जाकर नकद राशि देकर उन दुकानदारों के माध्यम से स्कैनर पर भिजवाए। पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4), 308 भा.न्या.सं. के तहत प्रकरण दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि आरोपियों का सुराग लगाया जा सके।

​रील देखते ही डाउनलोड हुआ मैलवेयर और कटे रुपये

​दूसरी घटना थाना गढ़ा क्षेत्र के शक्तिनगर की है जहां रहने वाले विनायक महाजन का खाता पंजाब नेशनल बैंक में संचालित होता है। दिनांक 15 जुलाई को शाम लगभग 5 बजे वे अपने मोबाइल पर इंस्टाग्राम एप्लीकेशन पर रील देख रहे थे, उसी दौरान स्क्रीन पर एजेंट टीवी ऐप का एक विज्ञापन आ गया जिस पर गलती से क्लिक हो जाने के कारण वह खतरनाक ऐप मोबाइल में डाउनलोड हो गया। इसके बाद जब वे शाम करीब 7 बजे बाजार में सामान खरीदने गए और पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने लगे तब उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते में पैसे ही नहीं बचे हैं। बैंक खाते की जांच करवाने पर खुलासा हुआ कि उसी दिन शाम को 6:32 बजे उनके खाते से 28 हजार रुपये कट चुके थे। मोबाइल में एजेंटटीवी नाम का एक खतरनाक एपीके मैलवेयर डाउनलोड हो जाने की वजह से उनका फोन हैक हो गया था और बिना किसी जानकारी के यह अवैध ट्रांजैक्शन कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) भा.न्या.सं. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

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