किसानों से धोखाधड़ी की कोशिश नाकाम, बिना लाइसेंस बीज पैक कर रहे दो संचालकों पर एफआईआर

Newzo
Newzo - News Editor 60 Views
3 Min Read

जबलपुर में खरीफ सीजन से पहले अवैध बीज कारोबार पर बड़ी कार्रवाई, 200 क्विंटल धान बीज जब्त

जबलपुर। पनागर क्षेत्र में खरीफ सीजन की शुरुआत से ठीक पहले किसानों के साथ धोखाधड़ी करने की एक बड़ी साजिश को कृषि विभाग ने नाकाम कर दिया है। विभाग की विशेष टीम ने 19 मई 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर देवरी खुर्द स्थित आनंद ज्योति प्रिंटिंग प्रेस परिसर में चल रहे एक अवैध बीज पैकिंग और भंडारण केंद्र पर औचक छापा मारा। उप संचालक कृषि यू.के. कटरे के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 200 क्विंटल धान का अवैध बीज, भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री और तैयार पैकेट बरामद किए गए। इस पूरे फर्जीवाड़े को बिना किसी वैध लाइसेंस के अंजाम दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने कनक एग्री सीड्स कंपनी के संचालक राजेश मोर्थे और सम्यक सीड्स एंड एग्रोटेक के संचालक अनिल जैन के खिलाफ बीज नियंत्रण आदेश-1983 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। इस सफल कार्रवाई में सहायक संचालक कृषि रवि अमरवंशी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी प्रतिभा गौर, जी.पी. मांझी, इशिता राजपूत और संगीत सिंह की मुख्य भूमिका रही।

​गुप्त सूचना पर प्रिंटिंग प्रेस परिसर में छापा

​कृषि विभाग को लगातार यह इनपुट मिल रहे थे कि पनागर के ग्रामीण इलाके में नियमों को ताक पर रखकर नकली और अवैध बीजों को खपाने की तैयारी चल रही है। सूचना की पुष्टि होते ही कृषि अधिकारियों के एक विशेष दल ने देवरी खुर्द में स्थित आनंद ज्योति प्रिंटिंग प्रेस के गोदाम की घेराबंदी की। जब टीम गोदाम के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी हैरान रह गए। बड़े पैमाने पर धान के बीजों को 10-10 किलो के आकर्षक पैकेटों में भरा जा रहा था, ताकि उन्हें ब्रांडेड बताकर बाजार में सीधे किसानों को बेचा जा सके।

​बिना लाइसेंस पैकिंग, एफआईआर की कार्रवाई

​जांच के दौरान जब गोदाम संचालकों से बीज व्यापार, पैकिंग और भंडारण से जुड़े वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगे गए, तो वे कोई भी कागज पेश नहीं कर पाए। टीम ने मौके से सैकड़ों तैयार पैकेट, बिना सीलबंद बोरियां और खुले में रखा धान का बीज जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार यह बीज बिना किसी गुणवत्ता मानक के पैक किया जा रहा था, जिससे किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो सकती थी। पुलिस ने इस मामले में नामजद दोनों कंपनियों के संचालकों राजेश मोर्थे और अनिल जैन के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है, वहीं कृषि विभाग अब जब्त किए गए बीजों के असली स्रोत का पता लगाने में जुटा है।

Share This Article
error: This Content is protected !!