
जबलपुर। मदन महल थाना क्षेत्र में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक शातिर जालसाज ने होटल व्यवसायी संजय भाटिया उर्फ नीटू को 15 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपी बृजेश तिवारी ने खुद को मुंबई की अर्थ प्रॉपर्टीज एंड एस्टेट कंसल्ट फर्म का संचालक बताकर व्यवसायी से स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर 9 लाख रुपए हड़प लिए। केवल इतना ही नहीं, आरोपी ने व्यवसायी के परिचित शिल्पेश शिवहरे को भी झांसा में लेकर उससे भी 3.5 लाख रुपए ठग लिए। जब लोन पास नहीं हुआ और रकम वापस मांगने पर आरोपी मुकर गया, तब पीड़ित व्यवसायी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मदन महल थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी बृजेश तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई की फर्जी फर्म और स्टाम्प ड्यूटी का खेल
होटल व्यवसायी संजय भाटिया की मुलाकात वर्ष 2024 में उनकी होटल में टेंट और केटरिंग का काम करने वाले शिल्पेश शिवहरे के जरिए बृजेश तिवारी से हुई थी। बृजेश ने खुद को मुंबई का निवासी और एक बड़ी कंसल्टेंसी फर्म का मालिक बताया था। जब व्यवसायी ने अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए 15 करोड़ रुपए के लोन की इच्छा जताई, तो आरोपी ने बड़ी आसानी से लोन स्वीकृत कराने का दावा किया। उसने लोन प्रक्रिया शुरू करने के लिए 15 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी एडवांस जमा करने की शर्त रखी। व्यवसायी ने आरोपी की बातों पर भरोसा करके 9 लाख रुपए उसकी फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी लगातार बाकी बचे 6 लाख रुपए भी तुरंत जमा करने का दबाव बनाने लगा, जिससे व्यवसायी को उसकी नीयत पर गहरा संदेह हो गया।
ठगी का अहसास होने पर पुलिस की शरण में पीड़ित
जब व्यवसायी ने और रकम देने के बजाय अपने 9 लाख रुपए वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। वह 8 मई को शहर आया और व्यवसायी से मिला, लेकिन उसने रकम लौटाने से साफ मना कर दिया। इसी बीच व्यवसायी को पता चला कि आरोपी ने उनके परिचित शिल्पेश शिवहरे को भी इसी तरह लोन दिलाने का सपना दिखाकर 3.5 लाख रुपए की चपत लगा दी है। दोनों पीड़ितों को जब समझ आया कि वे एक संगठित ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो उन्होंने मदन महल थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की और आरोपी बृजेश तिवारी के खिलाफ जालसाजी का आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
