
जबलपुर। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वंदना सिंह की अदालत ने चेक अनादरण के एक मामले में ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता आशीष बजाज को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। यह कानूनी कार्रवाई परिवादी नरेंद्र कुमार अग्रवाल द्वारा दाखिल किए गए परिवाद क्रमांक एस सी एन आई ए 1028/2016 पर की गई है। पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी के आशीष बजाज और यशोदा बजाज ने नरेंद्र कुमार अग्रवाल को 2,00,000 रुपये का एक चेक जारी किया था। बैंक में लगाने पर यह चेक बाउंस हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने भारतीय पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के तहत न्याय की गुहार लगाई थी।
अदालती परीक्षण में क्या साबित हुआ
माननीय न्यायालय ने इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के कागजातों, गवाहों के बयानों और कानूनी तर्कों का बहुत ही बारीकी से अध्ययन किया। जांच में यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि विवादित चेक पर कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी की ओर से आशीष बजाज ने ही अपने दस्तखत किए थे। हस्ताक्षर की पुष्टि होते ही अदालत ने आरोपी की जवाबदेही तय की और कानून का उल्लंघन करने के जुर्म में उसे 6 माह के जेल जीवन की सजा सुना दी।
ब्याज समेत तगड़ा आर्थिक दंड भी लगा
न्यायाधीश ने परिवादी को मानसिक और आर्थिक राहत देने के लिए दोषी पर बड़ा जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक आशीष बजाज को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़कर कुल 4,10,250 रुपये की रकम परिवादी नरेंद्र कुमार अग्रवाल को चुकानी होगी। इसके अलावा अदालत ने अपने फैसले में यह भी जोड़ दिया है कि यदि इस मुआवजा राशि को देने में कोई कोताही बरती गई, तो दोषी को 1 माह की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी। नरेन्द्र कुमार अग्रवाल की तरफ से कानून का पक्ष रखते हुए वकील सचिन अग्रवाल, शीर्ष अग्रवाल, राजेंद्र नामदेव, विनय और रजिंद्रनाथ बाबा ने अदालत के सामने अकाट्य तर्क और साक्ष्य पेश किए। वकीलों की इसी मजबूत पैरवी की बदौलत शिकायतकर्ता को अपना डूबा हुआ पैसा और न्याय दोनों मिल सके।
