जबलपुर में कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 26 मई से शुरू होगा पोल खोल हल्ला बोल आंदोलन

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Newzo - News Editor 186 Views
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पंचायत से लेकर जिला स्तर तक मचेगा हल्ला, जबलपुर कांग्रेस ने तैयार की आंदोलन की रूपरेखा

जबलपुर। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की अग्रवाल बारात घर में हुई बैठक में पोल खोल हल्ला बोल आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बैठक में जिला ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव, जिला प्रभारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह, विधानसभा प्रभारी परम यादव, महेंद्र जैन और प्रवक्ता विवेक यादव ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन का खाका तैयार किया। इस बैठक में ग्रामीण इलाकों की समस्याओं जैसे अवैध नशा, बिजली कटौती और किसानों की दिक्कतों को लेकर रणनीति बनी। यह आंदोलन पंचायत से लेकर जिला स्तर तक चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार की विफलताओं को जनता तक पहुंचाना है। इसमें जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा।

दो चरणों में चलेगा आंदोलन, तहसील से लेकर कलेक्टर कार्यालय का होगा घेराव

आंदोलन के संचालन के लिए दो मुख्य चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण की शुरुआत 26 मई से होगी, जो 25 जून तक चलेगा। इस दौरान बूथ, पंचायत, मंडलम और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम किया किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय और जिला स्तर की समस्याओं को चिन्हित कर सिलसिलेवार ढंग से विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके अंतर्गत तहसील मुख्यालयों में धरना, प्रदर्शन और अर्थी जुलूस निकालने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे चरण का आयोजन 20 जून से 30 जून के बीच होगा। इस चरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी की अगुवाई में बड़ा प्रदर्शन होगा, जिसमें कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस घेराव में राज्य स्तर के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।

कांग्रेस उठाएगी जनता से जुड़े 11 बड़े मुद्दे, भ्रष्टाचार और बिजली कटौती पर घेराव

इस बड़े अभियान के दौरान मुख्य रूप से 11 स्थानीय और प्रादेशिक मुद्दों को उठाया जाएगा। इनमें गांवों में बढ़ता अवैध शराब और नशे का कारोबार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, तहसील स्तर पर फैला भ्रष्टाचार, आदिवासियों को वन अधिकारों से दूर रखना और किसानों की प्रमुख समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती, मनमाने बिजली बिल, जल जीवन मिशन में गड़बड़ियां, बदहाल ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं, महिलाओं से किए गए वादों को पूरा न करना, फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी में धांधली तथा नर्मदा नदी में बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध रेत उत्खनन भी इस आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। कांग्रेसी नेताओं के अनुसार सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार और जनसमस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और जनता परेशान है।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद

बैठक में आंदोलन को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें संगठन महासचिव राजेश पटेल, परम लाल अहवासी, चतुर सिंह लोधी, मुकुल खम्परिया, प्रवीण चौबे, ब्रजेश दुबे, मुकेश पटेल, रिंकू तिवारी, विपिन जायसवाल, दुर्जन सिंह, अजीत परिहार, नेक नारायण सिंह, बिहारी पटेल, रुक्मिणी गोटिया, ताहिर खोखर, चमन राय, मनीष राय, फिरोज खान, दीपेंद्र मरकाम, विनीता यादव, मंजू मिश्रा, वीरेंद्र यादव, आशीष जैन, सुनील प्रजापति, प्रकाश अहिरवार, शिव नामदेव, उमा बाई उइके, सत्येन्द्र चौबे गुड्डा, अतुल विश्वकर्मा, अनिकेत मिश्रा, अंबर राजपूत, प्रदीप पटेल, मुन्नी बाई, सोनू दुबे, संतोष डेहरिया, संजय श्रीवास्तव, सुभाष पटेल, रामकुमार सैय्याम, एडवोकेट ब्रजेश दुबे, ऋषिकेश पटेल, सत्येन्द्र गर्ग, जयंत जैन, तुलसी राम कुशवाहा, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अमोल चौरसिया, लोकेश मिश्रा, रामेश्वर गिरी, संगीता सिंह, रमा धुर्वे, संदीप व्यवहार, दीपक पटेल, जमील खान, निलेश बरकडे, राजकुमार पटेल और समलू सिंह मरावी प्रमुख रूप से शामिल हुए। यह पूरा आंदोलन विधायक ठाकुर रजनीश सिंह, संजय यादव, परम यादव और महेंद्र जैन के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगा।

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