डिंडौरी में दिखा सरकारी और बैंकिंग योजनाओं का दम, कलेक्टर और विधायक ने की समीक्षा

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Newzo - News Editor
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  1. जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में वित्तीय प्रगति के आंकड़ों पर लगी मुहर
  2. ​शहपुरा विधायक और कलेक्टर की मौजूदगी में अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
  3. ​सालाना टारगेट के करीब पहुंचे बैंक, डूबा हुआ पैसा निकालने में मिली बड़ी सफलता

डिंडौरी। डिंडौरी के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक की संयुक्त अगुवाई कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने की, जिसमें जिला पंचायत अधिकारी दिव्यांशु चौधरी सहित रिजर्व बैंक, नाबार्ड और विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बैंक अधिकारी रविशंकर ने जिले की वित्तीय प्रगति के अहम आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि बैंकों ने सालाना लक्ष्य का 99 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है, जबकि एनपीए घटकर 6 प्रतिशत पर आ गया है। इस दौरान विधायक धुर्वे ने समस्त शासकीय और जन कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

​वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति और एनपीए में भारी गिरावट

​बैठक में बैंकिंग कामकाज की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले ने इस साल आर्थिक मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। बैंकों को सालभर के लिए जो भी वित्तीय लक्ष्य दिए गए थे, उन्हें लगभग पूरा करते हुए 99 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही बाजार में फंसे और डूबते हुए कर्ज के अनुपात में भी तेजी से सुधार हुआ है, जिससे अब एनपीए का ग्राफ गिरकर मात्र 6 प्रतिशत के आसपास रह गया है।

​किसानों को क्रेडिट कार्ड और आमजन को बैंकिंग सुरक्षा

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के किसानों को बड़े पैमाने पर राहत दी गई है। अब तक लगभग 2 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से लैस किया जा चुका है ताकि उन्हें खेती-किसानी के लिए पैसों की किल्लत न हो। इसके अलावा आम जनता को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ते हुए 5 लाख से अधिक जनधन खाते खोले जा चुके हैं, साथ ही लाखों नागरिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और जीवन ज्योति बीमा का सुरक्षा कवच मिला है, जबकि 50 हजार से ज्यादा लोग अटल पेंशन योजना से जुड़कर अपना बुढ़ापा सुरक्षित कर रहे हैं।

​स्वरोजगार योजनाओं से आत्मनिर्भर बन रहे स्थानीय युवा

​जिले के युवाओं और छोटे कारोबारियों को खुद का काम शुरू करने के लिए बैंकों से भरपूर आर्थिक मदद मिल रही है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना, पीएम स्वनिधि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में प्रशासन ने कमाल का काम किया है। इन सभी योजनाओं के तहत तय किए गए शुरुआती टारगेट से भी आगे बढ़कर लोगों के लोन मंजूर किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

​विभागीय समन्वय से योजनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति

​कलेक्टर और विधायक ने बैठक में मौजूद नाबार्ड, रिजर्व बैंक और अन्य विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अमले को साफ तौर पर कहा गया है कि कागजी आंकड़ों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी काम दिखना चाहिए। अंतिम पंक्ति में बैठे पात्र हितग्राहियों को लोन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी न आए, इसके लिए प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाए रखने की बात कही गई।

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