
जबलपुर। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकोशल एक्सप्रेस में शराब के नशे में धुत यात्रियों का उत्पात सामने आया है। एसी-2 कोच में यात्रा कर रहे दो व्यक्तियों ने शराब पीकर न केवल नियमों को ताक पर रखा बल्कि अन्य यात्रियों के लिए परेशानी का सबब भी बन गए। कोच के भीतर हो रहे इस दुर्व्यवहार से परेशान एक महिला यात्री ने तत्काल मामले की सूचना रेलवे सुरक्षा बल को दी। शिकायत मिलने पर सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचे तो सही, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई किए बिना ही वहां से लौट गए। पुलिस के वापस जाते ही उन शराबियों के हौसले और बुलंद हो गए। उन्होंने शिकायत करने वाले यात्रियों को सार्वजनिक रूप से गालियां दीं और धमकाना शुरू कर दिया, जिससे कोच में मौजूद बाकी यात्री पूरी यात्रा के दौरान दहशत में रहे।
सुरक्षा बल की भूमिका पर गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के बाद से यात्रियों में भारी रोष व्याप्त है। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि पुलिस का इस तरह से बिना किसी कानूनी कार्रवाई के लौट जाना पूरी स्थिति को संदिग्ध बनाता है। यात्रियों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते सख्त रुख अपनाया होता, तो उन्हें इस तरह की बदसलूकी और भय का सामना नहीं करना पड़ता। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह यात्री अपनी जान और सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। इस मामले ने ट्रेनों में सफर करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
प्रशासन की लापरवाही से सफर हुआ असुरक्षित
घटना के बाद अब रेलवे अधिकारियों के स्तर पर जांच की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर उस समय सुरक्षा बल के जवानों ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। यात्रियों के अनुसार, ट्रेनों में अवैध रूप से शराब ले जाने और पीने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, जिसे रोकने में सुरक्षा एजेंसियां नाकाम साबित हो रही हैं। यदि तत्काल प्रभाव से ऐसे उपद्रवी यात्रियों पर जुर्माना लगाने या उन्हें अगले स्टेशन पर उतारने जैसी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में रेल प्रशासन इस वायरल वीडियो की जांच में जुटा है ताकि दोषियों की पहचान कर उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।
