
नागपुर हाइवे पर रफ्तार का खौफनाक मंजर, मंडला से केरल जा रहे थे सभी मजदूर
सिवनी। जिले के कुरई थाना क्षेत्र में जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार तड़के 4 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मंडला और डिंडोरी से रोजगार की तलाश में केरल जा रही एक तूफान गामा गाड़ी अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे बने एक घर में जा घुसी। गाड़ी में 12 पुरुष, 12 महिलाएं और 5 बच्चों सहित कुल 29 लोग सवार थे। चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अपनी लेन छोड़कर दूसरी तरफ जाकर घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर चला गया। इस दर्दनाक घटना में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 घायलों को उपचार के लिए सिवनी जिला अस्पताल भेजा गया है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
नींद की झपकी से हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना
हादसा इतना भयानक था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एफआरवी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को निकालने का काम शुरू किया। 108 एंबुलेंस की सहायता से घायलों को पहले कुरई के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल 12 लोगों को सिवनी जिला अस्पताल रेफर किया गया।बरघाट के एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। बाद में उपचार के दौरान मौत का आंकड़ा 3 तक पहुंच गया। अस्पताल में भर्ती घायलों में से कई की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। क्षमता से अधिक लोगों के बैठने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे घर के अंदर जा घुसा। पुलिस विभाग ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तूफान गाड़ी में 29 लोगों का होना सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। प्रशासन की ओर से घायलों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी और चालक की लापरवाही ने आज कई परिवारों को संकट में डाल दिया है। अधिकारी लगातार जिला अस्पताल में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों का उपचार जारी है।
हाइवे किनारे बने घर में वाहन घुसने से मौत
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। घायलों के उपचार हेतु वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने के लिए तत्पर है।
