
जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत जबलपुर शहर वृत्त के 16,666 उपभोक्ताओं ने किश्त विकल्प में पंजीयन कराया था जिन्हें संचित अधिभार में लगभग 1.65 करोड़ रुपए की छूट का लाभ मिला था। योजना के प्रावधानों के तहत 06 किश्तों में बकाया राशि जमा करना अनिवार्य था लेकिन लगातार दो माह तक किश्त जमा न करने के कारण 10,004 उपभोक्ता इस योजना से बाहर हो गए जो कुल पंजीकृत उपभोक्ताओं का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हैं। योजना से बाहर होने वालों में 7,596 सक्रिय और 2,408 स्थायी विच्छेदित कनेक्शन शामिल हैं जिन पर वर्तमान में कुल 9.81 करोड़ रुपए का बकाया है जिसमें सक्रिय उपभोक्ताओं पर 8.81 करोड़ रुपए और स्थायी विच्छेदित उपभोक्ताओं पर 1.01 करोड़ रुपए शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं को मिली 1.15 करोड़ रुपए की अधिभार छूट अब पुनः उनकी बकाया राशि में जुड़ गई है जिससे अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के निर्देश पर जबलपुर शहर वृत्त द्वारा इनके विरुद्ध सख्त वसूली कार्यवाही की जा रही है और सभी उपभोक्ताओं से समय पर भुगतान करने की अपील की गई है।
बकायेदारों के बिलों में जुड़ा निरस्त हुआ अधिभार
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत जबलपुर शहर वृत्त में बिजली उपभोक्ताओं के लिए लाई गई किश्त सुविधा का लाभ हजारों लोगों ने शुरुआत में लिया था। निर्धारित नियमों के मुताबिक उपभोक्ताओं को अपनी बकाया राशि छह आसान किश्तों में जमा करनी थी और इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें अधिभार में बड़ी राहत भी दी गई थी। लेकिन तय समय पर किश्तों का भुगतान न होने के कारण यह योजना कई लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई और बड़ी संख्या में लोग इस सुविधा के दायरे से बाहर हो गए। लगातार दो महीनों तक निर्धारित किश्तें जमा न कर पाने की वजह से कुल 10,004 उपभोक्ता इस योजना से स्वतः ही बाहर हो गए हैं। इन बाहर होने वाले उपभोक्ताओं में सक्रिय कनेक्शन के साथ-साथ स्थायी रूप से विच्छेदित कनेक्शन वाले लोग भी शामिल हैं। योजना के नियमों के अनुसार किश्त का भुगतान न करने पर दी गई छूट की राशि वापस मुख्य बकाए में जोड़ दी जाती है जिससे इन उपभोक्ताओं पर अब कुल 9.81 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बकाया निकल आया है।
डिफॉल्टर्स से वसूली अभियान जारी:अरोरा
अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के मार्गदर्शन में जबलपुर शहर वृत्त के अधिकारियों ने इन सभी डिफॉल्टर्स के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। जिन उपभोक्ताओं का समाधान योजना से निष्कासन हो चुका है उनके बिलों में अधिभार की राशि जुड़कर आने लगी है जिससे उनके बिल काफी ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। विभाग द्वारा विशेष वसूली अभियान चलाकर इन सभी बकायेदारों से राजस्व वसूलने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जा सके।
