जिला चिकित्सालय में टला बड़ा हादसा, दो नर्सों और महिला गार्ड ने दिखाई बहादुरी

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कलेक्टर ने अस्पताल स्टाफ की बहादुरी को सराहा, स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर मिलेगा सम्मान

डिंडोरी। जिला चिकित्सालय के लेबर वार्ड में गुरुवार शाम लगभग 5 बजे विद्युत पावर स्विच में शॉर्ट सर्किट होने से अचानक धुआं फैल गया। इस दौरान वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स काजल जागेला और सिमरन कुशवाहा ने त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल मुख्य विद्युत स्विच को बंद कर दिया। इसी बीच वहां तैनात महिला गार्ड ललित मरावी ने तत्परता से अग्निशमन यंत्र का उपयोग कर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया मात्र 10 मिनट के भीतर जिला चिकित्सालय पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी, विद्युत अधिकारी आर. बघेल, एसडीएम रामबाबू देवांगन और नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने तुरंत क्षतिग्रस्त सर्किट को बदलकर नया विद्युत सर्किट स्थापित कराया। कलेक्टर ने इस बहादुरी के लिए तीनों महिला कर्मचारियों को राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित करने के निर्देश दिए।

​अस्पताल स्टाफ की तत्परता और त्वरित कार्रवाई

​लेबर वार्ड में जैसे ही शॉर्ट सर्किट से धुआं उठना शुरू हुआ, वहां मौजूद मरीजों में हड़कंप मचने की स्थिति बन गई थी। अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने बिना समय गंवाए सबसे पहले बिजली की सप्लाई काटी, जिससे आग को फैलने का मौका नहीं मिला। महिला सुरक्षा गार्ड ने बिना डरे आग बुझाने वाले सिलेंडर का सही समय पर इस्तेमाल किया। कर्मचारियों के इस सामूहिक और त्वरित प्रयास के कारण अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की जान सुरक्षित रही। अस्पताल प्रबंधन ने इस घटना के तुरंत बाद संबंधित तकनीकी टीम को बुलाकर लेबर वार्ड की बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल कराया।

​कलेक्टर का औचक निरीक्षण और सुरक्षा निर्देश

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया। कलेक्टर ने अस्पताल के प्रभावित वार्ड के साथ-साथ अन्य सभी वार्डों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता तथा समय पर दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि चिकित्सालय में आने वाले हर मरीज को बिना किसी बाधा के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। मौके पर मौजूद अधिकारियों को अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

​वर्षा ऋतु से पूर्व विद्युत जांच के कड़े आदेश

​आगामी मॉनसून को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन और विद्युत विभाग को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। कलेक्टर ने विद्युत अधिकारी को निर्देशित किया है कि वर्षा ऋतु के शुरू होने से पहले पूरे अस्पताल परिसर के सभी विद्युत सर्किटों, वायरिंग और संवेदनशील बिजली उपकरणों की गहन जांच की जाए। जहां भी किसी प्रकार की खराबी या पुराने तार दिखाई दें, उन्हें तत्काल बदला जाए। इस दौरान नगर पालिका अधिकारी को भी परिसर में साफ-सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके।

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