
जबलपुर। नरसिंहपुर में हाथीनाला के पास सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि पांच युवकों की सुनियोजित हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक डॉ ऋषिकेश मीना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के नेतृत्व में किए गए खुलासे से पता चला है कि यह वारदात एक महीने पहले रची गई गहरी साजिश का परिणाम थी। मुख्य आरोपी जनपद सदस्य आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच अवैध रेत कारोबार, पुराने विवाद और आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहरी रंजिश चल रही थी। इसके अलावा जबलपुर के डॉक्टर अमित खरे और राजेंद्र लोधी के बीच पैसे तथा मेडिको लीगल केस यानी एमएलसी को लेकर भी विवाद था, जिसमें मृतक डॉक्टर को ब्लैकमेल कर रहा था। इसी रंजिश के चलते डॉक्टर अमित खरे ने आनंद राजपूत से संपर्क किया और हत्या की योजना तैयार की। 19 जुलाई की रात करीब आठ बजे एनएच 45 पर हाथीनाला क्षेत्र में दो हाईवा वाहनों का उपयोग कर युवकों को कुचल दिया गया, जिसे पहले दुर्घटना समझा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर अमित खरे, आनंद राजपूत, राजा पटेल, अनुज ठाकुर, आनंद लोधी, भारत सिंह, अनिल पटेल, अरविंद्र लोधी और नरेंद्र सिंह सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल से मिले एक टूटे हुए मोनोग्राम और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफल रही। नरसिंहपुर में पुलिस ने अमित खरे सहित अन्य का जुलूस भी निकाला।
खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह साबित कर दिया कि हाथीनाला में पांच युवकों की मौत कोई दुर्घटना नहीं बल्कि सोची समझी हत्या थी। घटना वाले दिन शाम के समय आरोपियों और मृतकों के बीच मारपीट भी हुई थी जिसके बाद रात के वक्त दो हाईवा वाहनों का इस्तेमाल करके इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपी आनंद राजपूत ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना की रूपरेखा एक महीने पहले ही तैयार कर ली थी और युवकों की लगातार रेकी की जा रही थी।
डॉक्टर और रेत कारोबारी की खूनी दुश्मनी
इस दोहरे और बहुचर्चित हत्याकांड के पीछे मुख्य रूप से अवैध रेत कारोबार का वर्चस्व और ब्लैकमेलिंग का खेल सामने आया है। जबलपुर के रहने वाले डॉक्टर अमित खरे और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच पैसों के लेनदेन और एमएलसी मामलों को लेकर गंभीर विवाद था। राजेंद्र लोधी डॉक्टर को लगातार परेशान कर रहा था जिससे तंग आकर डॉक्टर ने जनपद सदस्य आनंद राजपूत से हाथ मिला लिया और रंजिश को हमेशा के लिए खत्म करने की खौफनाक पटकथा लिख डाली।
दो हाईवा और कारों का हुआ इस्तेमाल
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो हाईवा वाहनों का उपयोग किया गया ताकि टक्कर को एक भयानक सड़क हादसा लगे। इसके अलावा आरोपियों ने घटनास्थल पर नजर रखने के लिए चार अन्य लोगों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में इस्तेमाल किए गए दोनों हाईवा वाहनों के अलावा एक फॉर्च्यूनर और एक थार गाड़ी को भी सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है।
आठ आरोपी गिरफ्तार और तीन की तलाश
नरसिंहपुर पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में ताबड़तोड़ दबिश देते हुए मास्टरमाइंड डॉक्टर अमित खरे और जनपद सदस्य आनंद राजपूत समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों का शहर में जुलूस भी निकाला जिससे क्षेत्र में कानून का डर स्पष्ट दिखाई दिया। हालांकि इस बहुचर्चित हत्याकांड में अभी भी तीन अन्य आरोपी अनिल, ऋतुराज और प्रीतम फरार चल रहे हैं जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
