
डिंडोरी। जिले में पिछले 2 दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है जिससे जिले के इतिहास में पहली बार दोनों मुख्य पुल एक साथ पानी में डूब गए हैं और जबलपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग सुबह 6 बजे से ही मौके पर पहुंच गए थे और कोतवाली पुलिस के निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने तुरंत दल बल के साथ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जोगी टिकरिया स्थित जबलपुर अमरकंटक नेशनल हाईवे का महत्वपूर्ण पुल तथा नगर के भीतर स्थित लगभग 25 फीट ऊंचा पुल पूरी तरह जलमग्न हो चुका है जिससे प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जलस्तर बढ़ने से दो मुख्य पुल डूबे
नदी का जलस्तर बढ़ने से दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है जिससे आम जनजीवन पर भारी असर पड़ा है। सुबह से ही स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने बढ़ते पानी को देखकर गंभीर चिंता जताई और सावधानी बरतना शुरू कर दिया। नदी के आसपास निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के मन में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है क्योंकि आसमान में छाए घने बादलों और लगातार हो रही बारिश के थमने के कोई भी आसार नजर नहीं आ रहे हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते पूरी मुस्तैदी के साथ निपटा जा सके। दूर-दूर से आने वाले वाहन चालकों को भी सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की सख्त सलाह दी गई है क्योंकि आगे जाने वाले सारे रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करने या फिर अन्य सुरक्षित मार्गों का चयन करने की विशेष हिदायत दी जा रही है।
पुलिस ने सुरक्षा के लिए रास्ते बंद किए
आगामी किसी भी बड़े खतरे को टालने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर असाधारण मुस्तैदी दिखाई और पक्के बैरिकेड्स लगा दिए। इस मुख्य मार्ग से गुजरने वाले सभी छोटे और बड़े वाहनों को सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है ताकि कोई भी नासमझ नागरिक बाढ़ के पानी की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार न हो सके। नदी के निचले रिहायशी इलाकों में बैकवाटर का स्तर बहुत तेजी से ऊपर की ओर फैल रहा है जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ती जा रही हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार गश्त कर रही है तथा आम जनता से अपील की जा रही है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में उफनती हुई नदी के पास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। स्थानीय प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोई ढिलाई न बरती जाए।
