
जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत हनुमना में संचालित 02 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट में बड़ा घोटाला सामने आया है। कंपनी की कीमती सामग्री के अवैध उपयोग के आरोप में मै. ओम एंटरप्राइजेज के खिलाफ हनुमना थाने में एफआईआर क्रमांक 0306/2026 दर्ज की गई है। इस मामले में कंपनी की प्रोपराइटर श्रीमती ममता कुमारी को आरोपी बनाया गया है, जो कनिष्ठ अभियंता रंजीत कुमार साहू की पत्नी हैं। इस गंभीर गड़बड़ी के कारण कनिष्ठ अभियंता रंजीत कुमार साहू को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। कंपनी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में सामग्री में हेराफेरी की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकारी उपकरणों की हेराफेरी का हुआ बड़ा खुलासा
सौर ऊर्जा संयंत्र की जांच के दौरान अधिकारियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच में सामने आया कि प्लांट में लगे विद्युत उपकरणों पर मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड का नाम लिखा था। वहीं, कंट्रोल केबल पर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड की मुहर लगी पाई गई। इतना ही नहीं, वीसीबी की नेम प्लेट से खरीदार का विवरण मिटाया गया था। जब कंपनी ने संबंधित विभागों से रिकॉर्ड का सत्यापन करवाया, तो सामग्री की चोरी और दुरुपयोग का खेल पकड़ा गया। यह सामग्री बिना अनुमति के निजी संयंत्र में इस्तेमाल की जा रही थी, जो सीधे तौर पर सरकारी संसाधनों की चोरी है।
अनियमितता के मामलों में कंपनी अपनाएगी कठोर रुख
प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कंपनी अब हर छोटे-बड़े प्रोजेक्ट की गहन जांच करवा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हनुमना थाने की पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह सरकारी सामग्री इन तक कैसे पहुंची और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस की विवेचना के बाद जल्द ही अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। कंपनी का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी। जांच अभी जारी है।
