
जबलपुर। बेटी और दामाद द्वारा मां से ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है,जिसमें जबलपुर के रांझी क्षेत्र की रहने वाली 75 वर्षीय वृद्ध महिला लल्लीबाई केवट ने एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से अपनी दास्तान सुनाई। वृद्धा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी अपनी ही बेटी राजकुमारी केवट, दामाद चंद्रभान केवट और उनके एक परिचित ने मिलकर उनके साथ गहरी धोखाधड़ी की है। इन लोगों ने धोखे से वृद्धा के 22 लाख रुपए और सारे जेवरात अपने कब्जे में ले लिये। आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को एक फर्जी लॉकर की चाबी थमा दी और विश्वास दिलाया कि उनके सारे गहने और पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। जब वृद्धा को शक हुआ और वह यूनियन बैंक पहुंची तब बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया कि उनके नाम पर बैंक में कोई भी लॉकर मौजूद नहीं है। इस घटना से आहत होकर वृद्धा न्याय की गुहार लगाने एसपी ऑफिस पहुंची जहां पुलिस अधिकारियों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया है।
बुजुर्ग महिला को थमाई फर्जी लॉकर की चाबी
लल्लीबाई केवट नाम की इस बुजुर्ग महिला ने पुलिस को वह चाबी भी दिखाई जिसे उनकी बेटी और दामाद ने बैंक लॉकर की चाबी बताकर एक साल पहले उनके गले में माला की तरह पहनवा दिया था। वृद्धा का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और एफडी तथा पेंशन से जुड़े सभी पैसे इन लोगों के भरोसे पर सौंप दिए थे लेकिन आरोपियों ने उनकी वृद्धावस्था और भोलेपन का फायदा उठाकर बड़ी चालाकी से उनकी सारी संपत्ति हड़प ली। बैंक में जब लॉकर का सच सामने आया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि आरोपी उन्हें लगातार अंधेरे में रखकर बेवकूफ बना रहे थे।
पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
एसपी ऑफिस में जब बुजुर्ग महिला ने अपनी आपबीती सुनाई तो वहां मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए। रांझी इलाके की रहने वाली इस पीड़ित महिला की शिकायत सुनने के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे धोखाधड़ी के मामले की त्वरित जांच कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि बेटी, दामाद और उनके साथी निकेश मिश्रा की संलिप्तता की गहराई से जांच की जा रही है और साक्ष्य सामने आते ही सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि पीड़ित वृद्धा को न्याय मिल सके।
