करंट की चपेट में जबलपुर, जानलेवा बिजली लाइनों के नीचे फैल रहा शहर,ट्रांसको का अभियान हुआ असहयोग का शिकार



जबलपुर। जबलपुर में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के सुरक्षा कॉरिडोर में लगातार हो रहे अवैध निर्माणों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की 220 केवी अमरकंटक-जबलपुर और 132 केवी जबलपुर-मनेरी जैसी महत्वपूर्ण लाइनों के नीचे ग्वारीघाट क्षेत्र की पोलीपाथर कॉलोनी और वैशाली परिसर जैसी जगहों पर 275 से अधिक जोखिमपूर्ण निर्माण चिन्हित किए गए हैं। कार्यपालन अभियंता एपीएस चौहान के अनुसार, इन क्षेत्रों में 250 से अधिक लोगों को नोटिस थमाए जा चुके हैं, लेकिन लोग खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। एम.पी. ट्रांसको की टीएलएम टीम लगातार पब्लिक एड्रेस सिस्टम और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए लोगों को आगाह कर रही है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी नागरिकों से सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने की अपील की है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर आम जनमानस के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है।
मौत को दावत देते निर्माण और प्रशासनिक उदासीनता
सुरक्षा नियमों के अनुसार 132 केवी लाइन के दोनों ओर 27 मीटर और 220 केवी लाइन के लिए 35 मीटर का क्षेत्र पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन लाइनों में प्रवाहित बिजली घरों में आने वाली सामान्य बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है। बावजूद इसके, लोग इस प्रतिबंधित दायरे में अपने आशियाने बना रहे हैं। ट्रांसको ने नगर निगम, जबलपुर विकास प्राधिकरण, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन विभागों के बीच आपसी समन्वय और सख्त कार्रवाई की कमी के कारण यह अभियान अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। यदि समय रहते इन अवैध संरचनाओं को नहीं हटाया गया, तो तेज हवा या तारों के झूलने की स्थिति में बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर दुर्घटना का संकेत
ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे रहने का मतलब है हर पल मौत के साये में जीना। एपीएस चौहान ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस मिलने के बाद भी लोग खुद अपने निर्माण नहीं हटाते हैं, तो विभाग मानव जीवन और ट्रांसमिशन सिस्टम को बचाने के लिए कड़े वैधानिक कदम उठाएगा। यह केवल एक मकान या दुकान की बात नहीं है, बल्कि एक छोटी सी चूक पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति को घंटों के लिए ठप कर सकती है। प्रशासन और जनता को यह समझना होगा कि बिजली के ये हाईवोल्टेज तार किसी भी प्रकार की लापरवाही को माफ नहीं करते हैं। अपनी और अपनों की जान बचाने का एकमात्र तरीका प्रतिबंधित कॉरिडोर से दूर रहना और सुरक्षित मानकों का कड़ाई से पालन करना है।
