दतिया की शिकस्त ने बढ़ाई भाजपा में गुटबाजी,साफ दिख रहीं दरारें

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Newzo - News Editor 14 Views
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जबलपुर। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली अप्रत्याशित हार के बाद संगठन के अंदर भारी राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है। हार के सही कारणों का पता लगाने के लिए गठित 2 सदस्यीय जांच समिति को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच गंभीर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर इस समिति के गठन की योग्यता पर सार्वजनिक सवाल उठाए, हालांकि केंद्रीय नेतृत्व के कड़े निर्देश के बाद उन्होंने अपनी पोस्ट हटा ली। वहीं पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी सार्वजनिक रूप से आत्ममंथन की नसीहत दी। इस अंदरूनी कलह और गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष अब खुद दतिया पहुंचकर हार के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करेंगे और नेताओं से अलग-अलग फीडबैक लेकर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेंगे। पार्टी ने त्वरित दतिया जिला संगठन और कई स्थानीय इकाइयों को पूरी तरह भंग कर दिया है।

​जांच समिति पर कैलाश विजयवर्गीय ने उठाए गंभीर सवाल

​दतिया उपचुनाव में मिली शिकस्त के तुरंत बाद केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया। संगठन ने दतिया जिला कार्यकारिणी और आसपास की सहयोगी इकाइयों को तुरंत भंग करने का फैसला लिया। चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ पदाधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी बीच हार की वजहों को समझने के लिए 2 सदस्यों की एक विशेष जांच टीम गठित की गई। इस टीम की घोषणा होते ही वरिष्ठ नेताओं के बीच भारी असंतोष पैदा हो गया। पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया मंच पर एक तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने जीवन में कभी 1 भी छोटा या बड़ा चुनाव नहीं लड़ा, उन्हें हार की जांच का जिम्मा देना सही नहीं है। अनुभवी नेताओं को ऐसे लोगों से रिपोर्ट बनवाना अनुचित लगा।

​सोशल मीडिया की पोस्ट से केंद्रीय नेतृत्व हुआ नाराज

​कैलाश विजयवर्गीय की इस टिप्पणी से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। इसी दौरान पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी उपचुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में पार्टी को गहरे आत्ममंथन की जरूरत बताई। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट बहुत तेजी से शीर्ष नेताओं तक पहुंच गया। वरिष्ठ नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंच पर खुलकर बयानबाजी करने से आलाकमान सख्त नाराज हुआ। केंद्रीय नेतृत्व ने तुरंत मामले में दखल दिया और सार्वजनिक बयानबाजी पर सख्त रोक लगा दी। शीर्ष निर्देश के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दी। हालांकि सार्वजनिक रूप से मामला शांत दिखने के बावजूद अंदरूनी असंतोष लगातार बना हुआ है। अब पूरी स्थिति पर केंद्रीय संगठन की पैनी नजर बनी हुई है ताकि अनुशासन कायम रखा जा सके।

​राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष लेंगे सीधा फीडबैक

​पार्टी में बढ़ती खींचतान को देखते हुए दिल्ली दरबार ने कमान अपने हाथ में ले ली है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष बहुत जल्द दतिया उपचुनाव की विस्तृत समीक्षा करने वाले हैं। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं, सामाजिक समीकरणों और चुनाव प्रबंधन से जुड़े हर पहलू की गहराई से पड़ताल करेंगे। बी.एल. संतोष किसी बिचौलिए के बिना सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों से अलग-अलग बातचीत करके फीडबैक जुटाएंगे। केंद्रीय नेतृत्व दतिया की हार को केवल 1 चुनावी असफलता नहीं मान रहा, बल्कि इसे अनुशासनहीनता से जोड़कर भी देख रहा है। जांच समिति और नेताओं के बीच उपजे इस मतभेद की पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में मध्य प्रदेश भाजपा के भीतर कुछ और कड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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