
जबलपुर। जबलपुर के कटंगी से सिंग्रामपुर के बीच स्थित जोगन कुंड धाम के नजारा पॉइंट पर आज सुबह 10 बजे एक बड़ा हादसा हो गया जहां गुबरा कटंगी निवासी 30 वर्षीय विजय सुभाष राय मोबाइल से सेल्फी लेते समय अचानक पत्थरों के बीच नीचे जा गिरा। छुट्टी का दिन होने के कारण वहां काफी लोग मौजूद थे और युवक को गिरते देख सभी की चीख निकल गई। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के चालक और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से दुर्गम और पथरीले रास्तों के बीच से घायल विजय को सुरक्षित बाहर निकाला गया और स्पाइन बोर्ड की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
सेल्फी लेते वक्त फिसल गया पैर
इस क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए हर सप्ताह छुट्टी के दिनों में भारी संख्या में सैलानी और पर्यटक पहुंचते हैं। कटंगी के आगे सिंग्रामपुर के समीप स्थित इस नजारा पॉइंट तक जाने वाला मार्ग भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम और कठिन माना जाता है। विशेष रूप से बरसात के इस मौसम में यहां के रास्ते अत्यधिक संकरे और कीचड़युक्त व फिसलन से भरे हो जाते हैं। इन खतरनाक रास्तों पर किसी भी चार पहिया वाहन का आगे बढ़ना पूरी तरह से असंभव होता है। आज साप्ताहिक अवकाश का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में लोग इन दुर्गम पगडंडियों से होते हुए वहां तक पहुंच गए थे। इसी भीड़भाड़ के बीच विजय सुभाष राय भी अपने मोबाइल फोन से बेहतरीन तस्वीरें और सेल्फी लेने में व्यस्त था। अचानक उसका संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वह अपना पैर संभाल नहीं पाया जिससे वह फिसलकर सीधे नीचे कठोर पत्थरों के ऊपर जा गिरा। इस अचानक हुए भयानक हादसे से वहां भारी अफरातफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में चीख पुकार मच गई।
दुर्गम रास्तों से अस्पताल पहुंचाया
हादसे की भयावहता को देखते हुए मौके पर मौजूद नागरिकों ने तुरंत आपातकालीन सहायता के लिए फोन किया। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस का दल बिना किसी देरी के घटनास्थल की ओर रवाना हुआ। एम्बुलेंस के आगे नहीं जा पाने के कारण कर्मचारियों को पैदल ही उन कठिन और पथरीले रास्तों को पार करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों और बचाव दल के सदस्यों ने मिलकर आपसी सहयोग से घायल युवक को पत्थरों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे स्पाइन बोर्ड पर लेटाया गया ताकि शरीर के किसी भी हिस्से को गंभीर चोट न पहुंचे। इसके बाद उसे अत्यंत सावधानी के साथ दुर्गम पगडंडियों से बाहर मुख्य मार्ग तक लाया गया और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका उपचार किया और राहत की बात यह रही कि कोई गंभीर चोट न होने के कारण उसे उपचार के बाद सकुशल घर भेज दिया गया।
