
जबलपुर। छिंदवाड़ा जिले के कुंडाली कला पीएम श्री सरकारी स्कूल में 6वीं कक्षा की एक महिला शिक्षिका द्वारा छात्राओं को बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित बातें सिखाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिक्षिका पर आरोप है कि वह क्लास में पहुंचकर पढ़ाई के बजाय छात्राओं को बॉयफ्रेंड बनाने, डेट करने और बच्चे पैदा करने की अजीब सलाह खुलेआम देती थी। इस शर्मनाक हरकत से आहत होकर बच्चों ने स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश शर्मा को लिखित शिकायत दी। बच्चों के परिजनों ने भी भारी आक्रोश जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने आरोपी शिक्षिका को तुरंत सस्पेंड कर दिया है, जबकि आरोपी शिक्षिका ने इसे स्कूल के अन्य शिक्षकों की सोची-समझी साजिश बताया है।
बच्चों ने प्रिंसिपल को दी लिखित शिकायत
कुंडाली कला के इस पीएम श्री स्कूल में पढ़ने वाले 6वीं कक्षा के मासूम बच्चों ने स्कूल प्रशासन के सामने जो खुलासा किया, उसने सबको हैरान कर दिया। बच्चों ने बताया कि उनकी एक महिला शिक्षिका पढ़ाई कराने के बजाय कक्षा में अजीब और फूहड़ बातें करती थी। वह गंदी शेरो-शायरी सुनाती थी और लड़कियों को खुलेआम उकसाती थी कि स्कूल में आकर पढ़ाई करने से क्या फायदा, बाहर जाओ और बॉयफ्रेंड बनाओ। उसने यह तक कह दिया कि खूब डेट करो और बच्चे पैदा करो, उन बच्चों को मैं खुद खिलाऊंगी क्योंकि मेरे भी बॉयफ्रेंड हैं। शिक्षिका के इस तरह के बयानों से बच्चे मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। जब यह बात बच्चों ने घर जाकर अपने माता-पिता को बताई, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी अभिभावक एकजुट होकर स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल दिनेश शर्मा का घेराव किया। उन्होंने प्रिंसिपल को पूरी घटना की जानकारी देते हुए लिखित में शिकायत सौंपी। प्रिंसिपल ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक्शन लिया और आरोपी शिक्षिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन शिक्षिका की ओर से निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद मामले की पूरी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भेजी गई।
जांच के बाद की गई ये कार्रवाई
जिला स्तर पर हुई शुरुआती जांच में बच्चों और परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप सच साबित हुए। इसके बाद मामले की फाइल जबलपुर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक के पास पहुंची। संयुक्त संचालक ने नियमों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आरोपी शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। विभाग के इस कड़े कदम से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। दूसरी ओर, जब जांच टीम ने आरोपी शिक्षिका का पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। शिक्षिका का कहना है कि उनके खिलाफ स्कूल के ही कुछ अन्य शिक्षकों द्वारा सोची-समझी साजिश रची गई है। उन्होंने दावा किया कि बच्चों को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर उनके खिलाफ झूठे बयान दिलवाए गए हैं ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। फिलहाल शिक्षा विभाग इस पूरे प्रकरण की अंदरूनी जांच कर रहा है ताकि सच्चाई का पूरी तरह से पता चल सके और स्कूल परिसर में अनुशासन बना रहे।
