
डिंडौरी। जिले में जबलपुर अमरकंटक नेशनल हाईवे पर एक बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ शुक्रवार रात करीब 10 बजे विक्की ढाबे के पास खाद की बोरियों के नीचे शातिर तरीके से छिपाकर लाई जा रही अवैध अंग्रेजी शराब का भंडाफोड़ हुआ है। शहडोल से जबलपुर की ओर जा रही पिकअप वाहन जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP 20ZB 4257 है अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई जिसके बाद सतर्क पुलिस ने मौके से एक मुख्य आरोपी परवेज खान निवासी हनुमान ताल जबलपुर को धर दबोचा। थाना प्रभारी अनुराग जामदार के अनुसार सटीक मुखबिर की सूचना पर यह बड़ी कार्रवाई की गई जहाँ पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए वाहन के नंबर प्लेट के मुख्य अंक मिटाए गए थे और इस गाड़ी से लगभग 1500 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है।
खाद की बोरियों के नीचे छिपी थी शराब
घटना की रात जब यह वाहन तेज रफ्तार में नेशनल हाईवे से गुजर रहा था तो किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि इसमें अवैध कारोबार का बड़ा सामान ले जाया जा रहा है। आरोपियों ने पुलिस और प्रशासन की चेकिंग से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। पिकअप वाहन के भीतर चारों तरफ यूरिया और अन्य खाद की बोरियां इस प्रकार से सजाई गई थीं कि ऊपर से देखने पर केवल कृषि सामग्री ही नजर आए। उसके ठीक नीचे तहखाने जैसी जगह बनाकर अवैध अंग्रेजी शराब की पेटियां और कार्टन छुपाए गए थे। लेकिन किस्मत ने तस्करों का साथ नहीं दिया और विक्की ढाबे के पास वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन के पलटते ही खाद की बोरियां सड़क पर बिखर गईं और उनके नीचे छिपे शराब के डिब्बे और बोतलें बाहर दिखाई देने लगीं, जिससे इस पूरी अवैध गतिविधि का पर्दाफाश हो गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा होने से पहले ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया।
पुलिस ने दुर्घटना के बाद तस्कर को दबोचा
वाहन पलटने के बाद चालक परवेज खान ने मौके से भागने की भरपूर कोशिश की थी लेकिन पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उसे दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि इस तस्करी के नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं जो शहडोल क्षेत्र से इस खेप को जबलपुर भेज रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस धंधे के पीछे एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है जो लंबे समय से इस रास्ते का उपयोग कर अवैध शराब की सप्लाई कर रहा है। पकड़े गए वाहन की नंबर प्लेट के कुछ अंकों को जानबूझकर मिटाया गया था ताकि किसी भी टोल प्लाजा या चेकपोस्ट पर कैमरे से पहचान न हो सके। पुलिस अब इस गाड़ी के मालिक का पता लगाने में जुटी है और वाहन के कागजातों की गहराई से जांच कर रही है। इसके साथ ही अन्य फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है ताकि इस अवैध शराब कारोबार के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।
