
जबलपुर। जबलपुर में राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 27 जुलाई और 28 जुलाई को मालवीय चौक स्थित आर. के. डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर और अधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी सेंटर में औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान आर. के. सेंटर से आने वाली महिलाओं को लिंग परीक्षण के लिए सीधे अधारताल के सरल सेंटर भेजने के बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। मौके से टीम ने फॉर्म-एफ और महत्वपूर्ण रजिस्टर जप्त किए। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर सीएमएचओ ने आर के एक्स रे सोनोग्राफी सेंटर (डॉ राजेन्द्र कुमार अग्रवाल), सरल डिजिटल एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) और कांचघर स्थित महेश सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) का लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया है। संचालकों पर पुलिस केस दर्ज हुआ है।
संयुक्त टीम की रेड में उजागर हुआ अवैध नेटवर्क
निरीक्षण के दौरान जप्त दस्तावेजों और विभागीय जांच प्रतिवेदन से साफ हो गया कि दोनों केंद्रों के बीच सांठगांठ का बड़ा खेल चल रहा था। मालवीय चौक स्थित आर. के. डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर में आने वाली गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए रविन्द्र नगर, अधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी सेंटर भेजा जाता था। प्रशासनिक टीम ने दोनों ठिकानों से आवश्यक अभिलेख और फॉर्म-एफ जप्त कर लिए हैं। उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुलिस विभाग ने दोनों संचालक डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
धारा 20 के तहत बड़ी कार्रवाई, सेंटरों पर पूर्ण प्रतिबंध
मामले की पूरी जांच और जप्त सबूतों के परीक्षण के बाद पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 की धारा 20 के तहत सख्त कदम उठाया गया है। मालवीय चौक स्थित आर के एक्स रे सोनोग्राफी सेंटर (डॉ राजेन्द्र कुमार अग्रवाल), अधारताल स्थित सरल डिजिटल एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) और कांचघर ईस्ट घमापुर स्थित महेश सोनोग्राफी सेंटर (डॉ सतीश अग्रवाल) का पंजीयन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि तीनों केंद्र अब सोनोग्राफी से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं चलाएंगे, उल्लंघन करने पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
