अवैध लिंग परीक्षण मामला: दोनों डॉक्टरों को कोर्ट से मिली जमानत, फरार नर्स की तलाश तेज

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Newzo - News Editor 34 Views
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जबलपुर। ओमती और अधारताल थाना क्षेत्र में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए डॉ. राजेंद्र अग्रवाल और डॉ. सतीश अग्रवाल को अदालत से जमानत मिल गई है। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने मालवीय चौक स्थित आर.के. डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी एवं कलर डॉप्लर सेंटर और अधारताल के सरल सोनोग्राफी, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी सेंटर को सील कर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने आर.के. सेंटर के संचालक डॉ. राजेंद्र अग्रवाल और सरल सेंटर के संचालक डॉ. सतीश अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां वकील मनीष दत्त और निशांत दत्त की दलीलों के बाद दोनों को जमानत मिल गई। वहीं, प्रकरण में नामजद फरार स्टाफ नर्स खुशी उर्फ अनीता उर्फ डॉली जायसवाल की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

​जबलपुर के दो प्रमुख सोनोग्राफी सेंटरों पर सीलबंदी

​शहर में अवैध लिंग जांच के खिलाफ चले संयुक्त अभियान में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। ओमती क्षेत्र के मालवीय चौक पर स्थित आर.के. डिजिटल एक्स-रे, सोनोग्राफी एवं कलर डॉप्लर केंद्र तथा अधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी केंद्र पर दबिश देकर दोनों परिसरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जांच में नियमों के उल्लंघन और भ्रूण लिंग जांच से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद देर रात संबंधित कानून की धाराओं के तहत पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य सोनोग्राफी संचालकों में हड़कंप मच गया।

​अदालत में बचाव पक्ष की दलीलों के बाद रिहाई

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी डॉक्टरों को अदालत के समक्ष पेश किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं मनीष दत्त और निशांत दत्त ने अपने मुवक्किलों के पक्ष में न्यायिक तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई करने के बाद डॉ. राजेंद्र अग्रवाल और डॉ. सतीश अग्रवाल की जमानत याचिका स्वीकार कर ली, जिसके पश्चात दोनों को रिहा कर दिया गया। पीसीपीएनडीटी कानून के कड़े प्रावधानों के बीच कोर्ट से मिली इस राहत के बाद अब पुलिस मामले की विवेचना को आगे बढ़ा रही है और जांच से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

​नामजद फरार स्टाफ नर्स की तलाश में लगातार छापेमारी

​इस पूरे गिरोह और अवैध गतिविधियों से जुड़ी नामजद आरोपी स्टाफ नर्स खुशी उर्फ अनीता उर्फ डॉली जायसवाल घटना के बाद से लगातार फरार चल रही है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग परीक्षण की गतिविधियों को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फरार नर्स की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे जांच को नई दिशा मिलेगी।

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